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कानून बनाकर राममंदिर निर्माण: भाजपा अध्यक्ष बोले ‘बहुमत होता तो जीएसटी बिल पास करा लेते’

भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने नई जिम्मेदारी संभालने के बाद 2017 विधानसभा चुनाव तैयारियों का खाका खींचते हुए अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्रीराम मेरी आस्था हैं और मुद्दा है विकास का।

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लखनऊ । भारतीय जनता पार्टी ने ‘राम मंदिर को आस्था’ और ‘विकास को राजनीति’ का मुद्दा बताते हुए मंगलवार को कहा कि राम मंदिर पर भाजपा ने न तो कभी राजनीति की थी और न भविष्य में कभी करेगी।

भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने नई जिम्मेदारी संभालने के बाद 2017 विधानसभा चुनाव तैयारियों का खाका खींचते हुए अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्रीराम मेरी आस्था हैं और मुद्दा है विकास का।

उनसे पूछा गया कि 1992 से 2000 तक राम भाजपा की राजनीति के केंद्र में रहे। अब ऐसा क्या हो गया कि राम आस्था के केंद्र हो गए, उन्होंने कहा- भगवान राम भाजपा के लिए कभी राजनीति का केंद्र नहीं रहे बल्कि आस्था का केंद्र रहे, थे, हैं और आगे भी रहेंगे।

भगवान राम की जन्मभूमि को लेकर भाजपा ने न तो कभी राजनीति की थी और न कभी करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे जो विरोधी दल के साथी हैं, उनको लगता है कि भाजपा राम मंदिर मुद्दे पर राजनीति करती है तो वे यह मुद्दा लेकर राम के नाम पर राजनीति कर लें और राम मंदिर का निर्माण करवा दें। जो राजनीतिक लाभ भाजपा को मिलता दिखाई देता है, वह लाभ कांग्रेस, सपा और बसपा लेने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि कानून बनाकर या अदालत के फैसले से मंदिर बन जाए या समझौते से मंदिर बन जाए, वह इसकी प्रतीक्षा करेंगे। ससंद में बिल लाकर राम मंदिर बनाने के सवाल पर मौर्य ने कहा कि हमारे पास राज्य सभा में बहुमत नहीं है। अगर बहुमत होता तो हम जीएसटी बिल पास करा लेते और इसे जनहित में लागू कर देते।

भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में 403 में से 265 सीटें जीतने का लक्ष्य तय करते हुए मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा साथियों को विकास के बल पर आगे ले जाना और विकास के अवसर दिलाना हमारा लक्ष्य है।

केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के हर नागरिक को मिले, हमारा यही प्रयास होगा। सपा और बसपा पर तंज कसते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा- एक परिवार वाली पार्टी है और दूसरी जातिवादी व व्यक्तिवादी पार्टी। किसी भी गांव में जाइए, इनको लेकर लोगों में नाराजगी है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अच्छे भविष्य के लिए सपा सरकार ने ‘उत्तम प्रदेश’ का नारा तो दिया लेकिन उत्तम प्रदेश बनाने के लिए उत्तम सरकार की जरूरत है। बसपा और सपा का भ्रष्टाचार सबने देखा है। जनता इन दोनों से मुक्त प्रदेश चाहती है।

उन्होंने कहा- हमारा प्रयास होगा कि उत्तर प्रदेश सपा-बसपा मुक्त और भाजपा युक्त बने व उत्तम प्रदेश बने। उन्होंने कहा कि राज्य की सपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।

महिलाओं के प्रति अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। बेरोजगारी का हाल यह है कि पिछले दिनों सहयोगी के 368 पदों के लिए विज्ञापन आया था, उसमें 23 लाख से अधिक आवेदन आए। आवेदकों में 255 पीएचडी डिग्रीधारक थे। राज्य सरकार किसानों की भी उपेक्षा कर रही है।

केंद्र सरकार किसानों के लिए जो योजनाएं लागू कर रही है, उन्हें उन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बुंदेलखंड की स्थिति भयावह है। प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से बुंदेलखंड के लिए कुछ नहीं किया।

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