RTI में खुलासा: गोद लिए गांवों में पीएम मोदी ने नहीं खर्च किया सांसद निधि का एक भी पैसा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत वाराणसी में गोद लिए चार गांव में सांसद निधि का एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। इस बात का खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए मिली जानकारी से हुआ है।

जिला ग्राम्‍य विकास अभिकरण की ओर से जारी पत्र बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने से विपक्ष ने इस बात मुद्दा बनाकर बीजेपी और पीएम मोदी पर हमला बोला।

कन्नौज के रहने वाले अनुज वर्मा ने प्रधानमंत्री के गोद लिए गांवों के बारे में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। आरटीआई में पूछा गया था कि 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा गाँवों को गोद लिए जाने की तारीख और प्रधानमंत्री की सांसद निधि से हुए विकास कार्यो का विवरण माँगा गया था।

आरटीआई के जबाव में बताया गया कि प्रधानमंत्री द्वारा चार गाँवों को गोद लिया गया था इनमे जयापुरा 07-11-2014, नागेपुर 10-02-2016, ककहडिया 23-10-2017 तथा डोमरी 06-04-2018 को गोद लिए गए। आरटीआई के जबाव में बताया गया कि इन गाँवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद निधि से कोई विकास कार्य नहीं कराया गया।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसे लेकर पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह ‘पगलाए’ विकास का सच है। उन्होंने ट्विटर पर कहा- मोदी जी, एक भी गोद लिए गांव में आपने सांसद निधि से फूटी कौड़ी नहीं दी। आपके द्वारा ही शुरू की गई ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ भी बनी ‘जुमला योजना’।

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