RTI में खुलासा: खट्टर सरकार ने गीता की एक प्रति की कीमत चुकाई 38 हज़ार रुपये

हरियाणा की मनोहरलाल खट्टर सरकार द्वारा सरकारी पैसे से गीता की एक प्रति की कीमत 38 हज़ार रुपये चुकाए जाने का खुलासा हुआ है। सूचना का अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार कुरुक्षेत्र में हुए अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती समारोह से के लिए 10 गीता की कीमत तीन लाख अस्सी हज़ार रूपए चुकाई गयी।

आरटीआई से हुए खुलासे में साफ हुआ है 3 लाख 80 हजार रुपए में 10 गीता की प्रतियां खरीदी गई। इतना ही नहीं सरकार ने 3 लाख के मोमेंटो खरीदे और हेमा मालिनी के शो पर 15 लाख खर्चे जबकि सफीदों की संस्था के 10 लाख रुपये दिए।

सरकारी पैसे का खेल यहीं खत्म नहीं होता, सरकार ने समारोह के लिए 30 हजार के गमले, 2 लाख के थैले और 6 लाख रुपये जादूगर के नाम पर लूटा दिए साथ ही दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को एक कार्यक्रम के 10 लाख रुपये दिए गए।

विपक्ष ने इस मामले पर सरकार पर सरकारी पैसे की फिजूल खर्ची करने का आरोप लगाया है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस मामले को उठाते हुए ट्विटर पर एक ट्वीट में सरकार को घेरा है। ट्वीट कर दुष्यंत ने कहा, ‘गीता जयंती पर खट्टर सरकार द्वारा 3,79,500 रुपये में गीता की दस कॉपियों की ख़रीद। वाह नरेंद्र मोदी जी, हरियाणा में कितनी ईमानदार सरकार है. गीता के नाम पर भी चोरी, ऊपर से सीनाजोरी।’

कांग्रेस ने इस पर कड़ा एतराज़ जताया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने एक प्रेस ब्रिफिंग में कहा, ‘एक पार्टी जो एक धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करती है, अगर उन्हीं के सांसद उसी धर्म के प्रचार के लिए फीस लेते हैं तो हम उनके विवेक पर छोड़ते हैं कि ये कितना उचित है। आम लोगों के ही विवेक पर छोड़ते हैं।’

वहीँ गीता महोत्सव में खर्च किए गए पैसे का मसला जब उछला तो सीएम मनोहर लाल ने भी कड़े लहजे में विपक्ष को जवाब दिया सीएम ने कहा कि हम सोच समझकर खर्च करतें है और डंके की चोट पर खर्च किया है और आगे भी करेंगें।

सीएम ने कहा कि जिन कामों पर हम खर्च कर रहें है आरोप लगाने वालों ने दस जन्म भी नहीं सोचा होगा. उन्होंने कहा कि हमने समाज निर्माण और सामाजिक चेतना के लिए खर्च किए हैं।

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