4 साल में प्रचार पर मोदी सरकार ने फूंक दिए 4300 करोड़

नई दिल्ली। केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने प्रचार प्रसार में चार साल के दौरान 4343 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। इसका खुलासा सरकार से आरटीआई में मिली जानकारी में हुआ है।

आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन से जानकारी मांगी थी कि मोदी सरकार ने सत्ता सँभालने के बाद से अब तक मीडिया और विज्ञापन प्रसार पर कुल कितना खर्च किया है।

गलगली की आरटीआई के जबाव में बताया गया कि केंद्र की मोदी सरकार ने चार साल के अपने कार्यकाल के दौरान मीडिया और विज्ञापन प्रसार पर करीब 4300 करोड़ रुपये खर्च किये हैं।

आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक जून 2014 से 31 मार्च 2015 के दौरान 424.85 करोड़ रुपये प्रिंट मीडिया, 448.97 करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 79.72 करोड़ रुपये आउटडोर प्रचार पर खर्च किये गए हैं।

वर्ष 2015-2016 में 510.69 करोड़ रुपये प्रिंट मीडिया, 541.99 करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 118.43 करोड़ रुपये आउटडोर प्रचार पर खर्च हुआ। इसके बाद साल 2016-2017 में 463.38 करोड़ रुपये प्रिंट मीडिया, 613.78 करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 185.99 करोड़ रुपये आउटडोर प्रचार पर खर्च हुए।

1 अप्रैल 2017 से 7 दिसंबर 2017 के दौरान मोदी सरकार ने 333.23 करोड़ रुपये प्रिंट मीडिया पर खर्च किये। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 के दौरान 475.13 करोड़ रुपये व्यय किये गए। आउटडोर प्रचार में 1 अप्रैल 2017 से 31 जनवरी 2018 तक 147.10 करोड़ रुपये खर्च किया गया।

अनिल गलगली के अनुसार विपक्ष के विरोध के बाद वर्ष 2017 में सरकार ने विज्ञापनों पर कुछ कम व्यय अवश्य किया लेकिन इसके बावजूद 2017 में भी मोदी सरकार ने विज्ञापन और प्रसार पर वर्ष 2017-2018 में 955.46 करोड़ रुपये खर्च किये हैं।

यानी खर्च में तकरीबन 308 करोड़ रुपये कम खर्च करते हुए 25 प्रतिशत की कटौती हुई। इससे पहले वर्ष साल सरकार ने 2016-17 में विज्ञापनों पर कुल 1263.15 करोड़ रुपये खर्च किये थे।

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