2G मामले में शिवसेना ने बीजेपी को घेरा, विनोद राय की भूमिका पर उठाये सवाल

मुंबई। 2G घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सभी आरोपियों को दोषमुक्त करने पर शिवसेना ने मोदी सरकार को घेरा है। पार्टी के मुखपत्र सामना में बीजेपी पर तंज कसा गया है कि उसने 2014 में सत्ता पाने के लिए देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने की बात की थी। इतना ही नहीं सामना में तत्कालीन कैग विनोद राय की भूमिका पर भी सवाल उठाये गए हैं।

शिवसेना ने मुखपत्र ‘सामना’ ने 2G घोटाले में आरोपियों के बरी होने पर लिखा है कि राजनीतिज्ञ झूठ बोलते हैं। सामना ने लिखा कि बीजेपी ने 2014 में सत्ता पाने के लिए देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने की बात की थी और खूब माहौल बनाया गया था।

शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि ‘कुछ लोगों ने बड़ी कुशलता से चुनिंदा तथ्यों के ज़रिए स्पेक्ट्रम आवेदन को घोटाले का रूप दिया, हालांकि ऐसा कोई घोटाला हुआ ही नहीं, ऐसा अब CBI की विशेष अदालत ने निर्णय दिया है। इस मामले में अब तक हर कोई अफवाहों, सुनी सुनाई बातों और अटकलों पर ही अपनी राय बना रहा था।’

सामना के मुताबिक ‘तत्कालीन कैग विनोद राय की जांच से ये आंकड़े निकले और बीजेपी नेताओं ने संसद के भीतर और बाहर सरकार को घेरने के लिए स्पेक्ट्रम घोटाले का इस्तेमाल किया। ये सारे मुद्दे सच है और आरोप लगाने वाले भाजपाई ही राजा हरिश्चन्द्र के महावतार हैं, ऐसा माहौल बना दिया गया।’

शिवसेना के मुखपत्र में कहा गया है कि ‘किसी राजनीतिक दल को खुद के निहित स्वार्थ के लिए ये महाशय (राय) मदद करने गए होंगे तो उनका चेहरा भी बेनकाब हो गया है। राय कोई सत्यवादी नहीं हैं और उन्होंने जो कहा वो सच है ये मानने की कोई वजह नहीं थी।’

बता दें कि 2G स्कैम में आरोपी गुरूवार सीबीआई की विशेष अदालत ने करुणानिधि की बेटी कनिमोझी और तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा को बरी कर दिया। कोर्ट ने अपने एक लाइन के फैसले में कहा कि “केस का आधार ही गॉशिप, अफवाह और अटकलों पर आधारित था।’ जज ओपी सैनी ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा है कि दो पक्षों के बीच पैसे का लेन देन हुआ है।

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