29 रुपये लीटर मिलने वाले पेट्रोल पर सरकार लगाती है 48 रुपये प्रति लीटर का टैक्स

नई दिल्ली। तेल बाज़ार में आयी मंदी के बाद कच्चे तेल की कीमतें गिरने के बावजूद भी भारत में पेट्रोल डीजल के दामों में वो गिरावट नहीं आयी जो आनी चाहिए थी। असल में जो पेट्रोल डीजल का खुदरा मूल्य तय होता है उसमे असल कीमत पर करीब डेढ़ गुना से अधिक टैक्स भी लगा होता है। यदि सरकार आज पेट्रोल डीजल से टैक्स हटा ले तो कीमतें आधी से भी कम हो जाएँगी।

डॉलर के मुकाबले रूपये के एक्सचेंज रेट के हिसाब से बात करें तो तेल कंपनियां सभी मार्केंटिंग चार्जेज के बाद 29.54 रूपये प्रति लीटर के हिसाब से तेल बेचती है लेकिन मुंबई में उपभोक्ताओं को ये तेल 77.50 पैसे में मिलता है। यानी प्रति लीटर करीब 48 रूपये महंगा।

ये 48 रुपये सरकार का टैक्स है जिसे वो ड्यूटी, सेंट्रल एक्साइज टैक्स, स्टेट वैट, ऑक्ट्राई, सैस के रूप में लेती है। इसके बाद पेट्रोल पंप के मालिक अपना कमीशन जोड़कर जनता से तेल का पैसा लेते हैं।

गणित के लिहाज से जोड़ें तो आप प्रति लीटर तेल पर सरकार को 153 प्रतिशत टैक्स देते हैं। बताया जा रहा है कि सरकार तेल पर और सैस बढ़ाकर अपनी कमाई में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है।

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