22 गांव के लोगों का पीएम को पत्र, स्टेचू ऑफ लिबर्टी के अनावरण को बताया ‘मौत का जश्न’

अहमदाबाद। कल गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके लिए एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया है लेकिन कार्यक्रम से पहले सरदार सरोवर बांध के करीब में बसे 22 गाँवों के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर कहा है कि यह आयोजन मौत का जश्न जैसा है।

पीटीआई के मुताबिक, चिट्ठी में 22 गांव के प्रमुखों कहा है कि उनको इससे बहुत नुकसान हुआ है और बुधवार को वे प्रधानमंत्री का स्वागत नहीं करेंगे। पत्र में गांववालों ने मोदी को लिखा है कि अगर सरदार पटेल आज जिंदा होते, तो मूर्ति के लिए सरदार सरोवर डैम पर जिस तरह से तोड़फोड़ की गई और आस-पास के जंगल को नुकसान हुआ है, उसे देखकर रो देते।

ग्रामीणों ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री जी, बहुत दुख के साथ हम गांववाले आपको बताना चाहते हैं कि 31 अक्टूबर को जब आप अहमदाबाद आएंगे, तब हम आपका स्वागत नहीं करेंगे। आप बिन बुलाए मेहमान की तरह भले आएं लेकिन आपका स्वागत नहीं होगा।’

गांववासियों ने लिखा है, ‘ये जंगल, नदी, झरने आदि से ही हम लोग जिंदा हैं और इनकी मदद से हम खेती करते रहे हैं। ये सारी चीजें तबाह की जा रहा हैं और इसका जश्न मनाया जा रहा है, आपको नहीं लगता कि यह मौत का जश्न मनाने जैसा है? हमें तो ऐसे ही लगता है। गांव के लोगों ने कहा है कि आम आदमी मेहनत से पैसे कमाता है लेकिन सरकार मूर्ति जैसे प्रोजेक्ट पर पानी की तरह पैसा बहा देती है।’

गौरतलब है कि गुजरात के अहमदाबाद में नर्मदा नदी के किनारे लगायी गयी देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’के निर्माण में कुल 2989 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

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