2019 में विपक्ष को एकजुट करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी सोनिया गांधी

नई दिल्ली। भले ही कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी की कमान राहुल गांधी संभाल रहे हैं लेकिन कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का पार्टी और राजनीति में पूरा दखल बना रहेगा।

सूत्रों की माने तो सोनिया गांधी वर्ष 2019 तक कांग्रेस संसदीय दल की नेता बनी रहेंगी। इतना ही नहीं सोनिया गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष को एकजुट करने में अपनी बड़ी भूमिका भी देने को तैयार है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार तो सोनिया गांधी ने भले ही अध्यक्ष पद छोड़ दिया है लेकिन वे राजनीति में पूरी तरह सक्रीय रहेंगी। सूत्रों के मुताबिक 2019 के लोसकभा चुनाव में सोनिया गांधी रायबरेली से ही चुनाव लड़ेंगी। सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान सोनिया गांधी ने विपक्ष को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई थी और जल्द ही उन्हें फिर से विपक्ष को एक करने की मुहीम की अगुवाई करते देखा जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि चुनावो में उम्मीदवारों के चयन से लेकर प्रचार की कमान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ही पास रहेगी वहीँ सोनिया गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की टीम के साथ पार्टी की रणनीति और विपक्ष के साथ समन्वय स्थापित करने जैसे बड़ी ज़िम्मेदारी वाले कामो को देखेंगीं।

सूत्रों ने कहा कि कुछ दिन आराम के बाद सोनिया गांधी जल्द ही फिर से सक्रीय राजनीति में वापसी करेंगी। गौरतलब है कि सोनिया गांधी आजकल गोवा में छुट्टियां मना रही हैं। दिल्ली में छायी धुंद के चलते डॉक्टरों ने उन्हें साफ़ वातावरण वाले शहर में आराम करने की सलाह दी थी।

बता दें कि सोनिया गांधी 1999 में पहली बार बेल्लारी से लोकसभा का चुनाव जीत कर संसद पहुंची थीं। उसके बाद से वे लगातार सांसद हैं। उन्होंने 19 वर्ष तक कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पार्टी में बड़ा योगदान दिया है।

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