10 फीसदी आरक्षण : आज एक बार फिर राज्य सभा में सरकार को देनी होगी परीक्षा

नई दिल्ली(राजाज़ैद)। सामान्य वर्ग के लोगों को आर्थिक आधार पर शिक्षा और रोज़गार में दस फीसदी आरक्षण देने के लिए 124वां संशोधन विधेयक कल मंगलवार को लोकसभा में पास हो गया लेकिन इसे आज राज्य सभा में भी पास कराना आवश्यक होगा।

लोकसभा में सरकार के पास बहुमत होने के अलावा कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस संशोधन को अपना समर्थन ज़ाहिर किया लेकिन अब देखना है कि क्या लोकसभा में समर्थन करने वाले दल राज्य सभा में भी दस फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं या इस प्रस्ताव में संशोधन किये जाने की मांग करते हैं।

लोकसभा में मंगलवार को आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और राष्ट्रीय जनता दल ने दस फीसदी आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव पर विरोध जताया। लोकसभा में इस प्रस्ताव के पक्ष में 323 और विरोध में केवल तीन वोट पड़े।

आज यह विधेयक राज्य सभा में पेश होना है। बहुमत की दृष्टि से अगर देखा जाए तो राज्य संभा में सरकार के पास बहुमत का टोटा है इसलिए
सरकार इसे अपने बूते पास नहीं करा सकती। वहीँ देखना है कि लोकसभा में इस विधेयक का समर्थन करने वाले दलों का राज्य सभा में क्या रुख रहता है।

क्या है राज्य सभा का अंकगणित :

संविधान संशोधन बिल पास करवाने के लिए दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। नंबर गेम के हिसाब से लोकसभा में तो सरकार नंबर ना होने बावजूद बिल पास करवा लेगी लेकिन राज्यसभा में कांग्रेस, आप और बीएसपी के समर्थन के बावजूद बिल अटक सकता है। इतना ही नहीं 50% राज्य विधानसभाओं की भी सहमति चाहिए।

राज्यसभा में कुल सीटें 244 हैं, बिल पास करवाने के लिए जरूरी नंबर 163 है। राज्यसभा में एनडीए के पास 92 सीटें हैं, कांग्रेस की 50 और आप की 3 सीटें जोड़ लें तो यह नंबर सिर्फ 145 तक ही पहुंचता है। राज्यसभा में 18 सीटें कम पड़ रही हैं। बता दें कि राज्यसभा का कार्यकाल एक दिन के लिए बढ़ाया गया है।

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