फ़िरोज़ाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे शिवपाल, सपा को होगी ये मुश्किल

इटावा। प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी(लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने एलान किया है कि वे 2019 के लोकसभा चुनाव में फ़िरोज़ाबाद से अपनी किस्मत आजमाएंगे। 2014 के लोकसभा चुनाव में फ़िरोज़ाबाद सीट पर समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव विजयी हुए थे।

शिवपाल द्वारा फ़िरोज़ाबाद सीट से चुनाव लड़ने के एलान के बाद इस सीट पर समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ना तय हैं। जानकारों की माने तो यादव मतदाताओं में लोकप्रिय शिवपाल यादव इस सीट पर सपा को पटखनी दे सकते हैं।

26 जनवरी के मौके पर इटावा के चौबिया इलाके के नगला हरजू में एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शिवपाल ने कहा, जनता की मांग पर उन्होंने फिरोजाबाद से मैदान में उतरने का फैसला किया है। 3 फरवरी को फिरोजाबाद में पार्टी के अधिवेशन के दौरान इसका ऐलान किया जाएगा। समारोह में सिरसागंज विधानसभा से विधायक हरिओम यादव भी मौजूद थे।

वहीं अखिलेश पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब मायावती को मैंने और नेताजी ने बहन नहीं माना तो अखिलेश की बुआ कैसे हो गईं ? इस ,बुआ का कोई भरोसा नहीं है तीन बार बीजेपी से मिलकर के नेताजी को धोखा देकर बीजेपी की सरकार बनाई। बबुआ ने अपने बाप को और बुआ ने अपने भाई को धोखा दिया अब बताओ इन पर कौन भरोसा करे।

शिवपाल ने कहा, “मैंने तो अखिलेश से कुछ नहीं मांगा था, बस मुझे सम्मान चाहिए था। मैंने अखिलेश के लिए क्या नहीं किया। पढ़ाई से लेकर कहां तक क्या-क्या किया। इसके बदले में मुझे सिर्फ धोखा मिला। क्या ऐसे लोगों पर भरोसा करना चाहिए,जो अपने चाचा और बाप का सामान नहीं कर सका। इसीलिए मुझे प्रगतिशील पार्टी बनानी पड़ी।”

क्या है फ़िरोज़ाबाद का गणित:

जानकारों के मुताबिक फ़िरोज़ाबाद लोकसभा सीट पर एससी/एसटी और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव करीब 68 हज़ार वोटो के मामूली अंतर् से विजयी हुए थे।

इस सीट पर अखिलेश यादव द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी डिम्पल यादव को मैदान में उतारा था लेकिन वे कांग्रेस उम्मीदवार राजब्बर से करीब एक लाख पंद्रह हज़ार के बड़े अंतर् से चुनाव हार गयी थीं।

दोनों ही चुनाव में बहुजन समाज पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी। वहीँ 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव को उम्मीदवार बनाया गया था और वे चुनाव जीत गए थे।

2019 के चुनाव में बसपा से गठबंधन के बाद फ़िरोज़ाबाद लोकसभा सीट पर दलित, मुस्लिम और यादव कॉम्बिनेशन की उम्मीद लगाए बैठी समाजवादी पार्टी को शिवपाल सिंह यादव के मैदान में आने से खतरा पैदा हो सकता है।

फ़िरोज़ाबाद लोकसभा सीट पर एसपीसिंह बघेल के बसपा से बीजेपी में जाने के बाद बीजेपी को ओबीसी मतदाताओं और उच्च जाति के मतदाताओं का सहारा है। वहीँ सपा बसपा गठबंधन के दलित, मुस्लिम, यादव कॉम्बिनेशन में शिवपाल सेंधमारी करके सपा बसपा गठबंधन के उम्मीदवार के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

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