ज़हरीली शराब से 80 से ज़्यादा लोगों की मौत पर पीएम-सीएम की चुप्पी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ज़हरीली शराब पीने से करीब 80 लोगों की मौत के बाद जहाँ प्रभावित इलाको में सन्नाटा पसरा है वहीँ प्रशासन की ओर से राज्यभर में कार्रवाई शुरू कर दी गई है, लेकिन वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहरीली शराब से हुई मौत पर चुप्पी साध गए और कोई जवाब नहीं दिया।

ज़हरीली शराब पीने से केवल उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के कई गांवों में 63 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीँ उत्तराखण्ड के रुड़की के झबरेड़ा और भगवानपुर थाना क्षेत्रों के गांवों में भी जहरीली शराब ने 27 लोगों की मौत की खबर है।

इतनी बड़ी तादाद में मौतें होने के बाद भी दूसरे राज्यों में जाकर सुशासन के दावे करने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं तथा आमतौर पर सामान्य मामलो में ट्वीट करने वाले पीएम मोदी ने ख़ामोशी साध ली है।

इससे पहले कुशीनगर जिले में कच्ची शराब के कारोबार सहित कई बिंदुओं को लेकर कांग्रेस के स्थानीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन करीब डेढ़ माह पूर्व सौंपा था। इसकी जांच आईजी गोरखपुर कर रहे हैं। इसी दौरान कुशीनगर में 10 लोगों की मौत हो गई। जिस दिन मौत हुई उस दिन भी उन्होंने कच्ची शराब का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। बिहार से सटा जिला होने के कारण कुशीनगर से शराब की तस्करी भी की जाती है।

कांग्रेस के प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह जहरीली शराब से हुई मौत पर राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उत्तर प्रदेश में क्रिमिनल फ्रेंडली सरकार है। योगी राज में अपराधी मस्त है जनता त्रस्त. राज्य सरकार कान में तेल डालकर सो रही है।

जहरीली शराब से उत्तर प्रदेश में हो रही मौतों पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश ने कहा है कि जहरीली मौतों की जिम्मेदार योगी सरकार है। योगी सरकार ने शराब पर गो कल्याण टैक्स लगाया है। लोगों को लगता है कि शराब ज्यादा पिएंगे तो गायों की सेवा अच्छी होगी। उन्हें यह नहीं पता कि शराब कौन सी पीनी है।

अखिलेश ने कहा कि योगी सरकार ने शराब पीने वालों को बढ़ावा दिया है, इसलिए हो सकता है भविष्य में और ज्यादा लोगों की मौतें होंगी। बता दें कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में गोशालाएं बनाने के लिए गो कल्याण उपकर (सेस) लगाने का फैसला किया था। इसके तहत 0.5 प्रतिशत सेस शराब के अलावा उन सभी वस्तुओं पर है, जो उत्पाद कर के दायरे में आती हैं।

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