होली बाद बदल जायेगी यूपी की सियासत, नसीमुद्दीन के बाद शिवपाल पर नज़र

लखनऊ ब्यूरो। होली के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत का रंग भी बदल जाने की सम्भवनाएँ बनती दिखाई दे रही हैं। कभी उत्तर प्रदेश की सियासत में कद्दावर रहे लेकिन बाद हाशिये पर गए नेता अपने लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हैं।

बसपा सुप्रीमो मायावती के ख़ास रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कल ही कई पूर्व मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की बड़ी टोली के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया तो अब उत्तर प्रदेश से जुड़े कई और कद्दावर नेता जल्द ही दल बदल करने की तैयारी में हैं।

इससे पहले कल नसीमुद्दीन सिद्द्की ने उत्तर प्रदेश के 101 नेताओं के साथ कांग्रेस ज्वाइन की थी। उनका स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश के प्रभारी कांग्रेस नेता गुलामनबी आज़ाद ने इशारा दिया था कि यह सिलसिला अब यहीं नहीं थमेगा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस में शामिल होने पर मायावती की नाराज़गी को लेकर आज़ाद ने साफ़ कहा कि इसमें नाराज़गी की कोई वजह नहीं बनती।

गुलामनबी आज़ाद ने कहा कि इससे पहले हमने भी अपने विधायक खोये हैं। उन्होंने कहा कि 2019 के आम चुनावो के लिए बसपा से भी गठबंधन की बात हो सकती है। आज़ाद ने कहा कि राजनीति में कई बार असहमति के बावजूद अंत में एक राय बन जाती है। उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में सपा सरकार के खिलाफ यूपी बेहाल कैम्पेन लेकर निकले थे लेकिन बाद में विधानसभा चुनावो में हमारा उनके साथ गठबंधन हुआ।

वहीँ अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सपा में अलग थलग पड़े शिवपाल सिंह यादव होली के बाद अपने पत्ते खोलेंगे। सूत्रों के मुताबिक शिवपाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर और प्रदेश प्रभारी गुलामनबी आज़ाद के सम्पर्क में हैं। सूत्रों ने कहा कि शिवपाल कभी भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक शिवपाल की टीम में कई एमएलसी, पूर्व विधायक और अखिलेश सरकार के पूर्व मंत्रियों के अलावा कई जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्य शामिल हैं। सूत्रों के कहा कि शिवपाल की टीम की तादाद 250 से अधिक बताई जा रही है। हालाँकि शिवपाल सिंह यादव कई बार खुद ये कहते रहे हैं कि वे नई पार्टी बनाएंगे लेकिन उन्होंने हर बार अपने कहे से यूटर्न भी लिया है।

सूत्रों की माने तो होली के मौके पर शिवपाल अपने भाई मुलायम सिंह यादव से आखिरी बात करेंगे और वे होली बाद समाजवादी पार्टी को अलविदा कह सकते हैं।

फिलहाल देखना है कि होली के रंगो के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति पर किस पार्टी का रंग बदलता है। सूत्रों के अनुसार बसपा के कई और विधायक भी जल्द पार्टी छोड़ सकते हैं।

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