हिमाचल प्रदेश: बीजेपी की फ़ौज पर अकेले ही भारी पड़ रहे वीरभद्र!

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रचार अभियान अपने चरम पर है। जहाँ बीजेपी ने प्रचार में कई मंत्रियों और नेताओं की फ़ौज को मैदान में उतार रखा है वहीँ इन सब से बेफिक्र हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अकेले ही मैदान में डंटे हैं और बीजेपी के हर हमले का उसी के अंदाज में करारा जबाव दे रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से हिमाचल में कई मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता प्रचार में जुटे हैं। यहाँ तक कि स्वयं पीएम ने भी हिमाचल में कई जगह रैलियां सम्बोधित की हैं। वहीँ दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पूरे प्रचार की कमान अपने हाथ में लिए हुए हैं।

राज्य में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवारों की तरफ से प्रचार के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बाद अगर किसी और की डिमांड आ रही है तो वे वीरभद्र सिंह ही हैं। वहीँ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने हिमाचल के कई इलाको में सभाएं तो की लेकिन जनता का अच्छा रेस्पोंस नहीं मिला। उनकी अधिकांश सभाओं में भीड़ नहीं जुटी जिससे कांग्रेस उम्मीदवारों को फायदा होने की जगह मायूसी ही मिली।

कांग्रेस को अब राहुल गांधी की रैलियों की ही आस है कि शायद प्रचार के अंतिम दो दिनों में कोई जादू चल सके और भाजपा के पक्ष में जो बयार महसूस की जा रही है उसे कुछ कांग्रेस की ओर मोड़ा जा सके।

वीरभद्र सिंह बीजेपी को उसी के अंदाज में जबाव दे रहे हैं। उन्होंने सलमान खान की बहिन से शादी का मुद्दा उठाकर राज्य के पूर्व मंत्री और सुखराम के बेटे अनिल शर्मा को बीजेपी स्टाइल में ही जबाव दिया।

हालाँकि आंकड़े बताते हैं कि हिमाचल में पार्टी विशेष की हवा कम बल्कि प्रत्याशी की अपनी भूमिका अहम होती है। यहाँ के लोगों का मानना है कि प्रत्याशी किसी भी पार्टी का हो वह बड़ी बात नहीं लेकिन प्रत्याशी का जनता से व्यवहार कैसा है ये मायने रखता है।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *