हिन्दू मुस्लिम दम्पति को मिला पासपोर्ट, सांप्रदायिक मानसिकता वाले कर्मचारी का तबादला

लखनऊ। एक हिन्दू मुस्लिम दम्पति को धर्म बदलने की सलाह देने और पासपोर्ट अर्जी ख़ारिज करने वाले पासपोर्ट ऑफिस के कर्मचारी विकास मिश्रा का तबादला कर दिया गया है तथा दम्पति को पासपोर्ट जारी कर दिया गया है।

इससे पहले पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले मोहम्मद अनस सिद्दीकी और उनकी पत्नी तन्वी सेठ ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और प्रधानमंत्री कार्यालय भेजकर पासपोर्ट कर्मचारी द्वारा धर्म को लेकर किये गए कथित व्यवहार की शिकायत की थी।

अनस सिद्दीकी की पत्नी तन्वी का आरोप है कि पासपोर्ट ऑफिसर विकास मिश्रा ने उन्हें नाम बदलने को कहा और सिद्दीकी को धर्म बदलने के लिए भी कहा गया। इस अधिकारी ने पति पत्नी का धर्म अलग अलग होने तथा महिला को मुस्लिम से शादी करने के लिए प्रताड़ित करते हुए पासपोर्ट अर्जी रद्द कर दी थी।

दम्पति से मिली जानकारी के अनुसार मोहम्मद अनस सिद्दीकी ने साल 2007 में लखनऊ में तन्वी सेठ से शादी की थी और वे खुशहाल ज़िंदगी व्यतीत कर रहे हैं। उनकी एक छह साल की बेटी भी है।

इस दम्पति ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। दम्पति को 20 जून को लखनऊ के पासपोर्ट ऑफिस में इंटव्यू के लिए बुलाया गया था। दम्पति ने इंटरव्यू स्टेज A और B क्लियर कर लिया था। C स्टेज में पूछे गए सवालों को लेकर दिक्कत हुई।

अनस सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें पासपोर्ट ऑफिस से एपीओ ऑफिस जाने के लिए कहा गया। जहाँ तैनात विकास मिश्रा नामक पासपोर्ट कर्मचारी ने महिला से बदसलूकी की। विकास मिश्रा ने यह भी कहा कि अगर उसने हिन्दू धर्म नहीं अपनाया तो उसकी शादी नहीं मानी जाएगी। इतना ही नहीं विकास मिश्रा ने अनस से कहा कि वह हिन्दू धर्म स्वीकार कर ले।

तन्वी का कहना था कि वह अपना नाम बदले या न बदले ये उसकी मर्जी है। वह किस से शादी करे ये पासपोर्ट कार्यालय तय नहीं कर सकता। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि उनसे जिस तरह का व्यवहार किया गया, इतना अपमानित और शर्मिंदा उन्हें कभी नहीं होना पड़ा।

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