हिन्दूवादी संगठनों की ज़िद्द पर नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर चलाई गई थी आतिशबाज़ी !

मुख्य विस्फोटक नियंत्रक सुदर्शन कमल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद आज बताया, यहां विस्फोटक संबंधी नियमों का घोर उल्लंघन दिखाई देता है, पटाखे बनाने वालों और आतिशबाजी कराने वालों की ओर से प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल किया गया है।  बुनियादी तौर पर जो सावधानियां बरती जानी चाहिए थीं उनको भी नजरअंदाज किया गया।

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कोल्लम । पुत्तिंगल देवी मंदिर में लगी भीषण आग की घटना के एक दिन बाद आज यह बात सामने आई कि विस्फोटक संबंधी नियमों का घोर उल्लंघन हुआ और बुनियादी सावधानियों को नजरअंदाज किया गया।

मुख्य विस्फोटक नियंत्रक सुदर्शन कमल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद आज बताया, यहां विस्फोटक संबंधी नियमों का घोर उल्लंघन दिखाई देता है। उन्होंने कहा, हम आतिशबाजी के लिए इस्तेमाल विस्फोटकों की जांच करने आए हैं ।

अधिकारी ने यह भी कहा कि पटाखे बनाने वालों और आतिशबाजी कराने वालों की ओर से प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा, बुनियादी तौर पर जो सावधानियां बरती जानी चाहिए थीं उनको भी नजरअंदाज किया गया।

वहीँ हिंदी दैनिक जनसत्ता में प्रकाशित एक खबर के अनुसार जब कोल्लम डिस्ट्रिक्‍ट कलेक्‍टर ए. शाइनामोल और एडिश्‍नल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ए. शानवाज ने मंदिर में आतिशबाजी की इजाजत नहीं दी तो हिंदुओं संगठनों ने सांप्रदायिकता का आरोप लगाया था । इसके बाद स्थानीय हिंदू संगठनों ने धमकी दी और आरोप लगाया कि सांप्रदायिक मकसद के चलते आतिशबाजी की परमिशन नहीं दी गई, क्योंकि डिस्ट्रिक्ट कलेक्‍टर ए. शाइनामोल और एडिश्‍नल डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्ट्रेट ए. शानवाज दोनों मुस्लिम हैं।

कोल्लम की जिला अधिकारी ए़ शैनामुल ने कहा कि आतिशबाजी के लिए अनुमति देने या नहीं देने को लेकर उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने कहा, मैंने सिर्फ अपना काम किया है। मुझ पर किसी ने दबाव नहीं डाला था। अनुमति देने या इससे इंकार करने के लिए कुछ निश्चित प्रक्रियाओं की जरूरत होती है। हमने पुलिस और तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है।

इस अधिकारी ने यह भी कहा, उन्होंने सिफारिश की थी कि प्रतिस्पर्धी स्वभाव और स्थान की कमी के कारण आतिशबाजी की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। परंतु इसके लिए कोई आगे बढ़ा और यह सब किया। मैंने इसकी जांच के लिए कहा है।

अतिरिक्त जिला अधिकारी शाहनवाज ने कहा कि प्रतिबंध के आदेश का उल्लंघन किया गया है और इसकी जांच होनी चाहिए कि यह उल्लंघन किसने किया है।

इस बीच, एडीएम की ओर से जारी आदेश की एक प्रति सामने आई है जिसमें कहा गया है कि पुत्तिंगल देवस्वोम प्रबंधन समिति के सचिव जे कृष्णकुट्टी पिल्लै की ओर से दिए गए आवेदन को खारिज कर दिया गया है।

कोल्लम जिले के पुलिस अधिकारियों को दी गई आदेश की एक प्रति में कहा गया है कि इस पर नजर रखी जाए कि मंदिर प्रशासन की ओर से कानून का उल्लंघन तो नहीं हो रहा और किसी उल्लंघन की स्थिति में रिपोर्ट सौंपी जाए। यह आदेश बीते आठ अप्रैल को 80 वर्षीय पंकजाकशिअम्मा की शिकायत पर जारी किया गया था।

अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि हर साल मंदिर परिसर में प्रतिस्पर्धी आतिशबाजी के दौरान उनके आवास को नुकसान होता है और ऐसे वह इस पर रोक चाहती हैं। वह मंदिर के नजदीक रहती हैं।

इस बीच, पुलिस ने आतिंगल के निकट एक गोदाम से कम से कम 100 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया है। इस गोदाम का संबंध उमेश नामक व्यक्ति से है जो उस व्यक्ति का बेटा बताया गया है जिसे आतिशबाजी के लिए ठेका मिला था। पुत्तिंगल मंदिर में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या 109 हो चुकी है।

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