हिंसा की आग में झुलसे कासगंज जा रही साध्वी प्राची को पुलिस ने सिकंदराराऊ से वापस लौटाया

कासगंज। तमाम सुरक्षा बंदोबस्तों के बावजूद कासगंज में आज भी आगजनी की कुछ घटनाएं हुईं। देर शाम उपद्रवियों ने एक एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं उपद्रवियों की भीड़ ने एक मे‌डिकल स्टोर और एक अन्य दुकान को भी आग लगा दी।

इससे पहले कासगंज आ रही विहिप नेता साध्वी प्राची को पुलिस ने सिकंदराराऊ पर रोक लिया और उसे वहीँ से वापस भेज दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज़ साध्वी प्राची और उसके समर्थको ने सड़क पर ही धरना दिया लेकिन पुलिस ने सूझबूझ से उसे समझा कर वापस भेज दिया।

कासगंज में अभी तनाव का माहौल है। शहर में भारी मात्रा में पुलिसबलों की तैनाती की गयी है। शहर में तनाव को देखते हुए स्वयं आईजी डीके ठाकुर कासगंज में ही कैंप कर रहे हैं। शहर में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

स्थानीय लोगों की माने तो कल हुई हिंसा में मृतक चंदन के अंतिम संस्कार के बाद भीड़ की शक्ल में लौटे लोगों रास्ते में पड़ने वाले कई खोखों और दुकानों में आग लगा दी। इतना ही नहीं उपद्रवियों ने गरीब सब्ज़ी बिक्रेताओं को भी नहीं बक्शा और रास्ते में सब्जी के ठेलों को भी पलट दिया। भीड़ ने तोड़फोड़ करते हुए दुकानों और दो बसों में आग लगा दी।

इतना ही नहीं उपद्रवियों ने गंगेश्वर कालोनी स्थित एक बंद मकान में आग लगा दी। मकान मालिक शुक्रवार को अपने परिवार के साथ चले गए थे। इसी मकान के पास खड़ी एक कार को भी आग के हवाले कर दिया गया।

जिलाधिकारी आरपी सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले में पुलिस ने अब तक 49 लोगों की गिरफ्तारी की है। शहर में धारा 144 लागू है। जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। बाकी उपद्रवियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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