हंगामे के कारण राज्य सभा में पेश नहीं हो सका नागरिकता विधेयक

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर जहाँ पूर्वोत्तर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं वहीँ हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बिल को पास कराने के लिए प्रतिवद्धता जताई थी।

नागरिकता संशोधन बिल आज राज्य सभा में पेश किया जाना था लेकिन भारी हंगामे के कारण यह आज भी राज्य सभा में पेश नहीं हो सका। पिछले महीने 8 जनवरी को नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पारित किया गया था। इसके बाद से इस बिल का पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी विरोध हो रहा है। मंगलवार को भूपेन हजारिका के बेटे ने विधेयक के विरोध में ‌पिता का ‘भारत रत्न’ सम्मान लेने से इनकार कर दिया।

मंगलवार को नागरिकता विधेयक राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावनाएं जताई जा रही थीं लेकिन विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण राज्यसभा बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

भाजपा शासित पूर्वोत्तर के दो राज्यों अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने इसके विरोध में अपनी आवाज उठाई और केंद्रीय गृह मंत्री से इसे पारित नहीं करने की गुहार लगाई है। एनडीए के कई सहयोगी दल भी इस विधेयक के विरोध में हैं।

असम में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में असम गण परिषद ने एनडीए सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। मेघालय में एनडीए के घटक दल और नेशनल पीपुल्स पार्टी भी विरोध कर रही है। मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, मणिपुर में एनडीए के घटक दलों ने केंद्र सरकार से अपना विरोध जताया।

जेडीयू और रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी जैसे एनडीए के दो बड़े सहयोगी दल विधेयक को लेकर कई बार अपनी नाराजगी पीएम मोदी, अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से जता चुके हैं।

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