स्वास्थ्य केन्द्र स्तरीय मोबाइल निरीक्षण एप्लिकेशन का हुआ शुभारंभ

पटना (सुमन मिश्रा)। स्वास्थ्य सेवाओं में बुनियादी एवं विश्वसनीय सुधार कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है. इसके लिए शुक्रवार को राज्य स्वास्थाय समिति के प्रांगण में एक कार्यक्रम का आयोजन कर प्रधान सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार ने दर्पण प्लस ऐप को लॉन्च किया. साथ ही रक्त दान जागरूकता को लेकर एक फिल्म को भी लॉन्च किया गया.

इस अवसर पर प्रधान सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार ने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं एवं उनकी गुणवत्ता की प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर एवं नियमित रूप से समीक्षा होती रहे तथा सुधार के क्षेत्रों की पहचान हो एवं सही समय पर उच्चस्तरीय सहयोग एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इसके लिए दर्पण एप्प प्रभावी साबित होगा. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, जरूरतमंदों तक सेवा को पहुंचाने एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी आसानी होगी.

बेहतर पर्यवेक्षण में होगा सहयोगी : बिहार सरकार एवं केयर इंडिया के संयुक्त प्रयास के फलस्वरूप स्वास्थ्य सेवा दर्पण प्लस नामक एप्लिकेशन को विकसित किया गया है. राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन मॉनीटरिंग टूल ‘दर्पण प्लस’ के सहयोग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक स्वास्थ्य संस्थाओं के पर्यवेक्षण के क्रम में समय-समय पर रियल टाइम डाटा द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक आकलन कर सकेंगे.

स्वास्थ्य सेवा दर्पण प्लस एप्लिकेशन, दर्पण एप्लिकेशन का समुन्नत संस्करण है जो कि स्वास्थ्य संस्थानों की कार्य क्षमताओं के आकलन के लिए उपयुक्त है. इस एप्लिकेशन को सभी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक इस्तेमाल कर सकेंगे. इस एंड्रौइड एप्लिकेशन को फोन या टैबलेट जिसमें नवीनतम एंड्रौइड सॉफ्टवेयर हो उस पर डाउनलोड कर चलाया जा सकता है और http://bi.careindia.org:8019/ वेबसाइट पर भी चलाया जा सकता है. यह एप्लिकेशन सहायक पर्यवेक्षण के दौरान किसी भी स्वास्थ्य संस्था पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के आकलन हेतु इस्तेमाल किया जा सकता है.

ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों मोड में होगा उपलब्ध: इस एप्लिकेशन को ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में इस्तेमाल किया जा सकता है. परन्तु इसमें लॉगिन करने हेतु इंटरनेट का होना आवश्यक है. यह एप्लिकेशन जीपीएस से लैस है तथा इसके द्वारा फोटो प्रलेखन एवं मौजूदा सॉफ्टवेयर जैसे संजीवनी के साथ एकीकरण किया जा सकता है ताकि स्वत: प्रतिवेदित तथ्य की पुष्टि की जा सके. इस एप्लिकेशन के द्वारा पारदर्शिता एवं जवाबदेही का मूल्यांकन किया जा सकेगा.

इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार, प्रशासी पदाधिकारी खालिद अरशद, डॉ. हेमन्त शाह, चीफ ऑफ पार्टी केयर इंडिया तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारीगण भी मौजूद थे.

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