कासगंज हिंसा: सोशल मीडिया पर जिसे बताया था मृत, वह ज़िंदा निकला, पहुंचा थाने

लखनऊ ब्यूरो। कासगंज हिंसा में जिन दो व्यक्तियों की मौत का मामला सोशल मीडिया पर उछाला जा रहा था उनमे से एक युवक राहुल उपाध्याय ज़िंदा है और खुद की मौत को अफवाह साबित करने के लिए वह स्वयं थाने पहुंचा। वहीँ अफवाह फैलाने के आरोप में पुलिस ने 4 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

इससे पहले कासगंज हिंसा में दो युवको की मौत बताकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैली जा रही थी। सोशल मीडिया पर कुछ कथित लोगों का दावा था कि कासगंज हिंसा में दो युवको की मौत हुई है जिनमे चंदन गुप्ता और दूसरा राहुल उपाध्याय है। सोशल मीडिया पर यह अफवाह बड़ी तेजी से फैलाई जा रही थी कि दूसरे युवक राहुल उपाध्याय की इलाज के दौरान मौत हो गयी है।

नवभारत टाइम्स के अनुसार राहुल उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि जब तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा भड़की तो वह अपने गाँव नगलागंज में था। उसने कहा कि वह उस दिन घटना स्थल पर नहीं था। पुलिस के अनुसार राहुल के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए।

वहीँ सोशल मीडिया पर अलीगंज के जिस अस्पताल का नाम लेकर कहा जा रहा था कि इस अस्पताल में इलाज के दौरान राहुल उपाध्याय की मौत हो गयी है, उस अस्पताल ने भी अपने यहाँ राहुल उपाध्याय को भर्ती किये जाने की खबरों का खंडन किया है।

आईजी अलीगढ़ संजीव गुप्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर राहुल उपाध्याय नाम के युवक की मौत की खबरें अफवाह हैं। राहुल जिंदा है और सही सलामत है। साथ ही उन्होंने बताया कि, पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया।

राहुल उपाध्याय को पूछताछ के लिए कासगंज कोतवाली लाया गया जहाँ उससे एडीजी जोन आगरा अजय आनंद और आईजी रेंज अलीगढ़ संजीव गुप्ता के साथ कई अफसरों ने भी उनसे बात की।

राहुल ने पुलिस को बताया कि इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण उसे पता ही नहीं चला कि उसका नाम लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है। उसने कहा कि उसके कुछ दोस्तों और रिश्तेदारों ने उसे सम्पर्क कर इस बात की जानकारी दी थी।

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