प.बंगाल कांग्रेस में बदलाव: सोमेंद्र मित्रा बनाये गए प्रदेश अध्यक्ष, चार कार्यकारी अध्यक्ष भी न्युक्त

कोलकाता। कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में बड़ा फैसला लेते हुए सोमेंद्र मित्रा को प्रदेश नेतृत्व की ज़िम्मेदारी सौंपी है। वहीँ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

पार्टी के संगठन महासचिव अशोक गहलोत की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मित्रा और चौधरी की नियुक्त के साथ चार कार्यकारी अध्यक्षों और समन्वय समिति एवं घोषणापत्र समिति के अध्यक्षों एवं संयोजकों की भी नियुक्ति की है।

शंकर मालकर, नेपाल महतो, अबू हासिम खान चौधरी और दीपा दास मुंशी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदीप भट्टाचार्य को समन्वय समिति का अध्यक्ष और शुभाकंर सरकार को संयोजक तथा अभिजीत मुखर्जी को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष और संतोष पाठक को घोषणापत्र समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। अमिताभ चक्रवर्ती को संपर्क एवं संचार (आउटरीज एंड कम्युनिकेशन) विभाग का प्रमुख बनाया गया है।

मित्रा पहले भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। 15वीं लोकसभा के सदस्य रह चुके मित्रा ने 2008 में कांग्रेस छोड़कर ‘प्रगतिशील इंदिरा कांग्रेस’ नाम से अपनी पार्टी बना ली थी। फिर 2009 में उन्होंने अपनी पार्टी का तृणमूल कांग्रेस में विलय करा दिया। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस में वापस आ गए।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से किसी तरह के गठबंधन के खिलाफ थे। अधीर रंजन चौधरी ने विधानसभा चुनावो में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस वामपंथी दलों से गठबंधन करने की पैरवी की थी। वहीँ पश्चिम बंगाल कांग्रेस के आधे से अधिक नेता ममता बनर्जी की पार्टी से गठबंधन के पक्ष में थे।

समझा जाता है कि पश्चिम बंगाल में नेतृत्व परिवर्तन के पीछे 2019 के आम चुनावो में गठबंधन एक बड़ी वजह है। माना जा रहा है कि 2019 में कांग्रेस वामपंथियों की जगह तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन करने का मन बना चुकी है। कहा जाता है कि नए कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा के पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मधुर रिश्ते हैं।

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