सोनिया गांधी के इस बयान से हो सकती है बीजेपी की नींद हराम

नई दिल्ली। यूपीए चेयरपर्सन और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष की एकजुटता को लेकर सेकुलर फ्रंट बनाये जाने की वकालत की है। इंडिया टुडे के कार्यक्रम में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने विपक्ष को एकजुट करने के प्रति अपनी प्रतिवद्धता ज़ाहिर की।

सभी विपक्षी दलों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट करने आ रही अड़चनों का ज़िक्र करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि ‘कई विपक्षी दलों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर साथ जुटना मुश्किल काम है क्योंकि राज्यों में ये एक दूसरे के विरोधी हैं। लेकिन हम बड़ी तस्वीर को देखें, अगर हम देश के लिए फिक्र करते हैं तो हमें साथ आना होगा।’

सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन को लेकर अपनी पार्टी के अंदर भी कुछ विरोध होने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, ‘ये हमारी पार्टी समेत सभी पार्टियों के लिए मुश्किल काम है कि राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दों को लेकर साथ आएं। कई राज्यों में जमीनी स्तर पर हम इन दलों के विरोधी हैं। यहां तक कि हमारी पार्टी में भी विरोध है,ये मुश्किल काम है।’

2019 लोकसभा चुनाव से पहले संभावित गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर सोनिया गांधी ने कहा,‘मैं कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन हूं और इस नाते कुछ सहयोगियों से मिलती हूं। हम नियमित तौर पर समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ बैठकें करते हैं। देखते हैं कि इस दिशा में क्या कुछ किया जा सकता है. हम इन सभी नेताओं के साथ डिनर पर मिलने जा रहे हैं।’

गौरतलब है कि 13 मार्च को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के आवास पर विपक्षी दलों के नेताओं को रात्रि भोज पर आमंत्रित गया है। इस अवसर पर विपक्ष के दिग्गजों का जुटना तय माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो सोनिया गांधी द्वारा आयोजित डिनर कार्यकम में शामिल होने के लिए 24 पार्टियों के नेता अपनी रजामंदी दे चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक रात्रि भोजन के बाद विपक्ष के नेताओं से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष के गठजोड़ को लेकर चर्चा होगी। सूत्रों ने कहा कि हाल ही में एनडीए से नाता तोड़ने का एलान करने वाली तेलगु देशम पार्टी को भी रात्रि भोज में शामिल होने का न्यौता भेजा गया है।

सोनिया गांधी द्वारा इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में विपक्ष की एकता को लेकर दिए गए बयान के बाद यह साफ़ हो गया है कि 2019 के चुनाव में कांग्रेस कई पार्टियों का एक गठजोड़ कर चुनाव लड़ना चाहती है। सोनिया गांधी ने साफ़ तौर पर कहा कि देश बचाने के लिए एकजुट होना ही होगा।

सोनिया गांधी के इस बयान के बाद गैर कोंग्रेसी दलों के गठजोड़ वाले तीसरे मोर्चे को हवा दे रही भारतीय जनता पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। यदि तृणमूलकांग्रेस, एनसीपी, सपा, बसपा, डीएमके, नेशनल कॉन्फ्रेंस, रालोद, टीडीपी जैसे दल एकजुट हुए तो बीजेपी को अपना दुर्ग बचाये रखने के लिए लोहे के चने चबाने पड़ सकते हैं।

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