सोनिया गांधी का भावुक संबोधन: मैं अपने पति और बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहती थी

नई दिल्ली। आज कांग्रेस मुख्यालय पर जश्न का माहौल है। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में आज से एक नए युग की शुरुआत हो रही है। बतौर कांग्रेस अध्यक्ष आज से राहुल गांधी पदभार ग्रहण कर रहे हैं। 47 वर्षीय राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के 49वें अध्यक्ष है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने कहा कि मैंने गांधी परिवार की पांच पीढ़ियां देखी है. वंशवाद में कुछ भी गलत नहीं है। मैं खुद एक परिवार का प्रतिनिधित्व करता हूं। राहुल के पास एक लीडर के गुण हैं।

राहुल गांधी को कांग्रेस मुख्यालय पहुँचने पर कांग्रेस अध्यक्ष पद का सर्टिफिकेट दिया गया। कांग्रेस मुख्यलय के बाहर भी कार्यकर्तओं में खुशी की लहर. दफ्तर कें अंदर लगा नेताओं का तांता लगा है। राहुल गांधी के घर के बाहर जश्न का माहौल है। ढोल-नगाड़ो के साथ कांग्रेस कार्यकर्तओं में खुशी देखी जा सकती है।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नवनयुक्त कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आशीर्वाद और बधाई दी। सोनिया गांधी ने कहा कि हम डरने वाले लोगों में से नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुझे राहुल की सहनशीलता पर गर्व है।

सोनिया गांधी ने कहा कि राजनीति में आने पर राहुल को व्यक्तिगत हमलों को सामना करना पड़ा, जिसने उसे मजबूत और निडर बनाया। कांग्रेस को अंतर्मन में झांककर आगे बढ़ना पड़ेगा और खुद को भी दुरुस्त करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में भय का माहौल है, हम डरने और झुकने वाले नहीं हैं।

अपने भावुक संबोधन में सोनिया गांधी ने कहा कि मैं राजनीति को अलग नजरिए से देखना चाहती थी, मैं अपने पति और बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहती थी। जब इंदिराजी की हत्या हुई तो मुझे मां खोने का गम हुआ था।

सोनिया गांधी ने कहा कि 20 साल पहले जब मुझे अध्यक्ष चुना गया, तब मेरे दिल में घबराहट थी, यहां तक कि मेरे हाथ कांप रहे थे। मेरे सामने बहुत कठिन कर्तव्य था। उन्होंने कहा कि मैं इंदिरा और राजीव के बलिदान के लिए राजनीति में आईं,सत्ता, स्वार्थ और शोहरत हमारा मकसद नहीं रहा।

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