सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा: राम मंदिर के लिए कानून बना सकती है सरकार

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीमकोर्ट के पूर्व जस्टिस चेमलेश्वर ने कहा है कि सरकार राम मंदिर के लिए कानून बना सकती है। उन्होंने कहा कि शीर्ष कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बना सकती है।

न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक कानून बनाने की मांग संघ परिवार में बढ़ती जा रही है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े संगठन ऑल इंडिया प्रफेशनल्स कांग्रेस (एआईपीसी) की ओर से आयोजित एक परिचर्चा सत्र में न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी की।

शुक्रवार को परिचर्चा सत्र में जब चेलमेश्वर से पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहने के दौरान क्या संसद राम मंदिर के लिए कानून पारित कर सकती है, इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है।

पूर्व जस्टिस ने कहा, ‘यह एक पहलू है कि कानूनी तौर पर यह हो सकता है (या नहीं)। दूसरा यह है कि यह होगा (या नहीं)। मुझे कुछ ऐसे मामले पता हैं जो पहले हो चुके हैं, जिनमें विधायी प्रक्रिया ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों में अवरोध पैदा किया था।’ उन्होंने कहा, ‘देश को इन चीजों को लेकर बहुत पहले ही खुला रुख अपनाना चाहिए था….यह (राम मंदिर पर कानून) संभव है।’

याद दिला दें कि इस साल की शुरुआत में न्यायमूर्ति चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट के उन चार वरिष्ठ न्यायाधीशों में शामिल थे जिन्होंने प्रेस कॉन्फेंस कर तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कामकाज के तौर-तरीके पर सवाल उठाए थे।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें