सुनियोजित थी बुलंदशहर की घटना, बड़े हिंसक तांडव की थी साजिश

नई दिल्ली। बुलंदशहर की घटना की जाँच कर रही ख़ुफ़िया विभाग की टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी है। इस रिपोर्ट में एसआईटी जांच में सामने आये मुख्य विदुओं को भी शामिल किया गया है।

बुलंदशहर की घटना की जांच करने के लिए आईजी मेरठ रेंज रामकुमार वर्मा के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गयी थी। यह विशेष जांच दल इस घटना से जुडी साजिश की गहराई से जांच कर रहा है।

जांच दल इस बात की भी जांच कर रहा है कि खेत में मिले मांस को कौन लेकर आया और भीड़ को जुटाने का काम किसने किया। इतना ही नहीं जांच दल यह भी जांच कर रहा है कि स्याना के थानाध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह की मौत किन हालातो में हुई।

प्रथम दृष्टया पूरा मामला इस तरफ इशारा करता है कि 3 दिसंबर को पूरा बुलंदशहर दहलाने की साजिश रची गयी थी। अहम बात यह थी कि इस दिन बुलंदशहर में चल रहे मुस्लिमो के इस्तेमा का आखिरी दिन था। इस इस्तेमे में करीब दस लाख लोग जुटे थे। जिनमे से करीब 2 लाख से अधिक लोगों को उसी रास्ते से वापस जाना था जिस पर बवाल किया गया था।

जानकारों की माने तो यदि सुबह ग्यारह बजे दुआ के बाद इज्तेमा समाप्त होना था और स्याना में जिस जगह घटना हुई वह बुलंदशहर से महज 40-45 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में इज्तेमा से लौटने वाले लोग 12 से एक बजे के बीच इसी मार्ग से वापस जाने थे।

जानकारों की माने यदि घटना के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग उस रास्ते पर आते तो घटना और बड़ी हो सकती थी। ऐसे में पूरी घटना एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है।

क्या कहती है पुलिस:

यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि बुलंदशहर की घटना एक षड़यंत्र है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि गौ मांस कहां से आया। उसे वहां कौन लाया?

डीजीपी ने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह घटना सिर्फ लॉ एंड आर्डर का हिस्सा नहीं है। यह किसी साजिश का भी हिस्सा है। उन्होंने कहा हम इसकी जांच के लिए एजेंसी को लगाया गया है।”

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