साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में एलान, अब ईवीएम को लेकर विपक्ष करेगा हल्ला बोल

कोलकाता। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित विपक्ष की रैली में जुटी भारी भीड़ से गदगद विपक्षी दलों के नेताओं ने अब ईवीएम को लेकर अपने कड़े तेवर ज़ाहिर किये हैं।

रैली सम्पन्न होने के बाद एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि लोकसभा चुनावो में ईवीएम की जगह वैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग को लेकर चुनाव आयोग से बात करने के लिए विपक्षी दलों की एक समिति बनायीं जायेगी। जो चुनाव आयोग पर आगामी लोकसभा चुनाव में ईवीएम की जगह वैलेट पेपर के इस्तेमाल के लिए दबाव बनाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही हम चुनाव आयोग से ईवीएम की जगह वैलेट पर चुनाव कराये जाने की मांग करते रहे हैं और इस मामले को लेकर चुनाव आयोग के पास कई बार गए हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशो ने ईवीएम हटाकर वैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने की पुरानी पद्धति को फिर से अपनाया है। इसलिए ईवीएम की जगह वैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने में चुनाव आयोग को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सिंघवी ने कहा कि चूँकि अब लोकसभा चुनाव में समय काफी कम बचा है इसलिए चुनाव आयोग यह तो सुनिश्चित कर ही सकता है कि हर ईवीएम में वीवीपैट मशीन लगी हो और कम से कम 50 फीसदी वीवीपैट स्लिप का ईवीएम से मिलान किया जाए।

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आज की रैली एक शुरुआत है। सबसे अहम ज़रूरत लोकतंत्र बचाने की है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के एजेंडे अलग हो सकते हैं, पार्टी चलाने के तरीके अलग हो सकते हैं लेकिन देश बचाने के लिए हम सब एकजुट हैं।

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी को शिकस्त देने के लिए विपक्ष का एकजुट होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने ईवीएम की जगह वैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने की विपक्ष की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शिकस्त देने के लिए विपक्षी दलों को एक मंच पर आना होगा।

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