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सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाही, कई मंत्रियों सहित 11 राजकुमार गिफ्तार

रियाद। सऊदी अरब में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी कार्रवाही की गयी है। इस कार्रवाही में 11 राजकुमारों सहित चार मंत्रियों और दर्जनों पूर्व मंत्रियों को गिरफ्तार किया है।

गिफ्तार किये लोगों में 11 राजकुमार भी शमिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भ्रष्टाचार के आरोप में हुईं कार्रवाही के पीछे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का हाथ है।

इस बीच सऊदी राष्ट्रीय नेशनल गार्ड को भी किंग सलमान ने हटा दिया है। साथ ही छुट्टी पर चल रहे नैवी चीफ और वित्त मंत्री को भी पद से हटा दिया गया है। भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के तुरंत बाद ही किंग ने एक अलग से भ्रष्टाचार विरोधी कमेटी के गठन का ऐलान किया।

सऊदी के न्यूज चैनल अल अरबिया ने अपनी रिपोर्ट में 11 किंग और दर्जनों को एंटी करप्शन की जांच रिपोर्ट आने के बाद गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है।

चैनल का कहना है कि जांच एजेंसी का लक्ष्य सार्वजनिक धन की रक्षा करना, भ्रष्टा लोगों समेत उन अधिकारियों को सजा दिलाना जो अपने पद का लाभ उठाते हैं।

अल अराबिया की खबर के मुताबिक, समिति वर्ष 2009 में जेद्दा में आई विनाशकारी बाढ़ की तहकीकात करने के अलावा, मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटोरी सिंड्रोम (एमईआरएस) संक्रमण पर सऊदी सरकार की प्रतिक्रिया की भी जांच कर रही है। इस संक्रमण ने पिछले कुछ सालों में सैकड़ों लोगों की जान ली है।

इस बीच, सऊदी अरब के उलेमा की शीर्ष परिषद ने एक बयान जारी कर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना इस्लामी फर्ज है. इतनी उच्च स्तरीय गिरफ्तारियों के लिए मजहबी नेताओं का समर्थन जरूरी है।

वहीं इस रोयल आदेश में कहा गया है कि इस कमेटी को गठित करने के पीछे मकसद उन अधिकारियों पर शिकंजा कसना है जो अपने व्यक्तिगत हितों के लिए जनहित को पीछे रख रहे थे और जनता का पैसा चुरा रहे थे।

सरकार ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी समिति को गिरफ्तारी वारंट जारी करने, यात्रा प्रतिबंध लगाने और बैंक खातों पर रोक लगाने के अधिकार हैं। यह समिति कोष का पता लगा सकती है, कोष के स्थानातंरण को रोक सकती है तथा अन्य एहतियाती उपाय कर सकती है जब तक कि मामलों को न्यायपालिका में न भेजा जाए।

 

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