संसद में रखी गयी कैग रिपोर्ट, राहुल बोले ‘ये सीएजी नहीं चौकीदार ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट’

नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर सरकार ने सीएजी रिपोर्ट संसद में पेश की है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट से असहमति जताते हुए कहा कि ये महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट नहीं बल्कि चौकीदार ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट है।

इसके बाद शुरू हुए हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कुछ देर तक रोकनी पड़ी। विपक्ष राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराये जाने की मांग कर रहा है।

कांग्रेस सीएजी रिपोर्ट को लेकर असहमति जताते हुए कहा कि मौजूदा कैग राजीव महर्षि से सही रिपोर्ट की उम्मीद नहीं की जा सकती क्योंकि वह इस रक्षा सौदे का हिस्सा रहे हैं। कैग की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल’ की रिपोर्ट है। यह नरेंद्र मोदी की रिपोर्ट है। रिपोर्ट चौकीदार के द्वारा और चौकीदार के लिए लिख्री गई है।’’

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपीसी जांच की अपनी मांग दोहराई। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में कुछ बचा नहीं है, लिहाजा जेपीसी जांच कराने का कोई औचित्य नहीं बनता है। संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में मंगलवार को राफेल डील पर कैग की रिपोर्ट पेश कर दी गई है।

कपिल सिब्बल ने कैग पर उठाये थे सवाल:

कैग की रिपोर्ट को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने रविवार को कुछ सवाल उठाए। उन्होंने इस मामले में हितों के टकराव की बात उठायी है। सिब्बल ने कहा है कि मौजूदा कैग राजीव महर्षि सौदे के समय वित्त सचिव थे और इस सौदे से जुड़े थे। ऐसे में उन्हें इसकी ऑडिट से अपने को अलग कर लेना चाहिए।

सिब्बल ने कहा कि महर्षि 24 अक्टूबर 2014 से 30 अगस्त 2015 तक वित्त सचिव थे। इसी बीच में प्रधानमंत्री मोदी 10 अप्रैल 2015 को पेरिस गए और राफेल सौदे पर हस्ताक्षर की घोषणा की।

सिब्बल ने कहा, ‘‘ वित्त मंत्रालय ने इस सौदे की बातचीत में अहम भूमिका निभायी। अब यह साफ है कि राफेल सौदा राजीव महर्षि के की निगरानी में हुआ। अब वह कैग के पद पर हैं। हमने उनसे दो बार मुलाकात की 19 सितंबर और चार अक्टूबर 2018 को। हमने उनसे कहा कि इस सौदे की जांच की जानी चाहिए क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। लेकिन वह खुद के खिलाफ कैसे जांच शुरू कर सकते हैं।’’

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