‘संविधान बचाओ’ अभियान: राहुल गाँधी का मोदी सरकार पर ज़ुबानी हमला, कहा ‘बीजेपी से बेटी…’

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज से ‘सविंधान बचाओ’ अभियान को लांच कर दिया है. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से शुरू हो रहे इस अभियान का उद्देश्य संविधान एवं दलितों पर हो रहे हमलों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है.

अभियान की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ताबड़तोड़ जुबानी हमले किए. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नीरव मोदी, ललित मोदी या राफेल डील का मामला हो मैं संसद में केवल 15 मिनट बोलूंगा तो वे वहां खड़े नहीं हो पाएंगे. मैं केवल इन मुद्दों पर बोलने के लिए संसद में 15 मिनट का वक्त मांग रहा हूं.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब कर्मयोगी-नरेंद्र मोदी’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि क्या वाल्मिकी समाज का हमारे देश में कोई महत्व नहीं है? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अब तक विपक्ष की वजह से संसद नहीं चलता था, लेकिन यह सरकार सदन नहीं चलने देती है. नीरव मोदी इस देश का 30 हजार करोड़ रुपए लेकर भाग गया, लेकिन पीएम कुछ नहीं बोल रहे हैं.

पूरा देश इस बात को जानता है कि राफेल डील में चोरी हुई है. यह सरकार संवैधानिक संस्थाओं पर विचारधारा थोप रही है. पत्रकारों की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इनकी जुबान बंद कर दी गई है. बस कुछ महीने की बात है ये खुलकर बोलने लगेंगी.

राहुल गांधी ने कहा कि आमतौर पर लोग कोर्ट में न्याय मांगने जाते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार में जज जनता से न्याय मांग रहे हैं. पीएम को देश से कोई मतलब नहीं है, उन्हें केवल खुद को प्रधानमंत्री पद पर बनाए रखने से है.

पिछले चुनाव में 15 लाख रुपए देने और दो करोड़ सरकारी नौकरी देने का झूठा वादा करके सत्ता में आए, इस बार कोई और झूठ बोलकर कुर्सी पाने की कोशिश करेंगे. इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और सुशील कुमार शिंदे आदि भी मौजूद रहे.

राजनीति के जानकार बताते हैं कि कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ’ अभियान 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए शुरू किया गया है. हाल के दिनों में SC/ST कानून में कथित तौर पर बदलाव के मुद्दे पर दलित आक्रोशित नजर आ रहे हैं, कांग्रेस इस मौके का लाभ उठाकर उन्हें अपने पक्ष में करने की जुगत में जुटी है. इसी को ध्यान में रखकर इस अभियान की शुरुआत की गई है.

यह अभियान अगले साल दलित विचारक बाबासाहब भीमराव आंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक जारी रहेगा. कांग्रेस के वर्तमान एवं पूर्व सांसद, जिला परिषदों, नगरपालिकाओं और पंचायत समितियों में पार्टी के दलित समुदायों के प्रतिनिधि और पार्टी की स्थानीय इकाइयों के पदाधिकारी भी इसमें शामिल हुए.

पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘बीजेपी सरकार में संविधान खतरे में है. दलित समुदाय को शिक्षा और नौकरियों में अवसर नहीं मिल रहे हैं. इस अभियान का मकसद इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है.’

कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख विपिन राउत ने एक बयान में दावा किया कि आरएसएस समर्थित बीजेपी जब से केंद्र की सत्ता में आयी है, किसी न किसी तरीके से देश के संविधान पर हमले होते रहे हैं. इससे समाज के वंचित तबकों को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं मिल रहे.

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी – आरएसएस अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य कमजोर तबकों को मिली सामाजिक सुरक्षा को भंग करना चाहती है. आरएसएस विचारधारा संविधान के मूल ढांचे पर हमला करता है. कांग्रेस पार्टी इसका मुकाबला करेगी.

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