संविधान दिवस पर कांग्रेस करेगी मोदी सरकार के खिलाफ ‘हल्ला बोल’

नई दिल्ली। कांग्रेस 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर दलितों के मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेगी। 26 नवंबर को कांग्रेस एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर मोदी सरकार में दलितों पर हुए अत्याचार और भेदभाव के खिलाफ एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।

मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को मतदान है। ऐसे में मतदान से दो दिन पूर्व संविधान दिवस पर आयोजित किये जा रहे इस कार्यक्रम से बीजेपी को मध्य प्रदेश में नुक़सान हो सकता है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के अनुसूचित जाति- जनजाति प्रकोष्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के शामिल होने की सम्भावना है।

न्यूज़ एजेंसी भाषा के मुताबिक संविधान सिवास के मौके पर दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन होगा। कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रमुख नितिन राउत ने ‘भाषा’ से कहा, ‘नरेंद्र मोदी सरकार जिस तरह से बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान पर हमले कर रही है, उसके खिलाफ हमें लड़ना होगा।’

उन्होंने कहा कि ‘संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और आरक्षण को खत्म करने की कोशिश हो रही है। इन मुद्दों को लेकर हम सरकार को घेरेंगे।’

राउत ने कहा, ‘इस कार्यक्रम के लिए हमने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आमंत्रित किया है और उनके शामिल होने की पूरी संभावना है।’ उन्होंने दावा किया, ‘इस सरकार में दलित समाज बहुत परेशान है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में एससी-एसटी कानून को कमजोर करने का प्रयास किया गया। बार-बार आरक्षण खत्म करने की बात की जा रही है। पदोन्नति में आरक्षण पर मोदी सरकार खामोश बैठी है। दलितों पर हमले हो रहे हैं। इन सवालों को लेकर दलित और कमजोर वर्ग के लोग इन चुनावों और लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएंगे।

इससे पहले इस साल 23 अप्रैल को कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ ने ‘संविधान बचाओ’ सम्मेलन का आयोजन किया था जिसमें राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं पर हमले का आरोप लगाया था।

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