संयुक्त राष्ट्र ने कहा ‘पत्रकार राणा अयूब की सुरक्षा सुनिश्चित करे भारत सरकार’

न्यूयॉर्क। गुजरात दंगो के ऊपर किताब लिखने वाले पत्रकार राणा अयूब की सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता ज़ाहिर की है और भारत सरकार से राणा अयूब की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने भारतीय पत्रकार राणा अयूब को मिल रही धमकियों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत सरकार उनकी रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए और मामले की गहन जांच कराए।

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने कहा कि वह इस बात से चिंतित हैं कि इन धमकियों की वजह से राणा अयूब की जिंदगी बेहद खतरे में है. राणा स्वतंत्र पत्रकार हैं और लेखिका हैं. उन्होंने लोगों और सरकारी अधिकारियों द्वारा किए गए कथित अपराधों पर कई खोजी लेख लिखे हैं.

विशेषज्ञों ने अन्य भारतीय पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या का भी हवाला दिया। गौरी को भी जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उनकी हत्या पिछले साल बेंगलुरु में उनके घर के ही बाहर गोली मारकर कर दी गयी थी। वह धार्मिक चरमपंथ, सत्तारूढ़ दल और दक्षिणपंथी राजनीति की मुखर होकर आलोचना करती थीं।

पत्रकार राणा अयूब राणा स्वतंत्र पत्रकार हैं और लेखिका हैं। उन्होंने लोगों और सरकारी अधिकारियों द्वारा किए गए कथित अपराधों पर कई खोजी लेख लिखे हैं। उन्होंने ने हाल ही में अपनी किताब गुजरात फाइल्स में गुजरात में 2002 में हुए दंगो को लेकर कई रहस्योद्घाटन किये हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगो के दौरान बड़ी तादाद में मुसलमानो का नरसंहार हुआ था। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

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