संत रामपाल को उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली। वर्ष 2014 में संत रामपाल के बरवाला के सतलोक आश्रम में चार महिलाओं और एक बच्चे की मौत के मामले में कोर्ट ने बाबा रामपाल और बाबा के बेटे विजेंद्र समेत 15 अन्य को उम्र कैद और एक एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है।

बता दें कि बरवाला के आश्रम में 16 नवंबर 2014 को हुई हिंसा में चार महिलाओं सहित डेढ़ साल की बच्चे की मौत हुई थी। इसमें बाबा रामपाल सहित 15 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

बाबा रामपाल के केस के फैसले के मद्देनज़र आज मंगलवार को हिसार के कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके को छावनी में बदल दिया गया था। जिले में 10 अक्तूबर से ही धारा-144 लागू रही। सात जिलों की पुलिस फोर्स सहित 2000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

हिसार में नवम्बर 2014 में रामपाल  से जुड़े बरवाला के सतलोक आश्रम  में हत्‍या के दो अलग-अलग मामले सामने आए थे।  बीते दिनों कोर्ट ने सुनवाई के दौरान रामपाल को दोषी करार दिया था।

गौरतलब है कि संत रामपाल खुद को चमत्कारी बाबा बताते हुए हरियाणा में कई स्थान पर आश्रम चलाता था। 16 नवंबर 2014 को हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में करीब 981 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 935 को जमानत मिल चुकी है।रामपाल को अब मौत तक जेल में ही रहना होगा।

जूनियर इंजीनियर की नौकरी छोड़ रामपाल बन गया था ‘बाबा’
हरियाणा के सोनीपत के गोहाना तहसील के धनाना गांव में पैदा हुए रामपाल हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर था। स्वामी रामदेवानंद महाराज के शिष्य बनने के बाद नौकरी छोड़ प्रवचन देना शुरू किया था। रामपाल बाद के दिनों में कबीर पंथ को मानने लगा और अपने अनुयायी बनाने में जुट गया।

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