संगीत सोम पर आज़म का पलटवार: कहा ‘गोश्त के कारखाने चलाने वाले न बोलें’

लखनऊ। ताजमहल को बीजेपी विधायक संगीत सोम के बयान से जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार ने पल्ला झाड़ लिया है वहीँ अब उनके बयान पर राजनैतिक दलों से प्रतिक्रियां आनी शुरू हो गयी हैं।

संगीत सोम के बयान पर सपा के कद्दावर नेता और पूर्व केबिनेट मंत्री आज़म खान ने कहा कि ‘जिन साहब ने ऐसा कहा है उनकी बात का मैं जवाब नहीं दे रहा हूं’। ‘गोश्त के कारखाने चलाने वाले को राय देने का अधिकार नहीं है’। इस पर मोदी और योगी जी फैसला करेंगे’।

आजम खां ने कहा कि ‘गुलामी की उन तमाम निशानियों को मिटा देना चाहिए जिनसे कल के शासकों की बू आती है’। ‘मुगल हिन्दुस्तान में किन हालात में आए, कौन उन्हें लेकर आया। अगर इस पर बहस होगी तो बहस में कड़वाहट आ जाएगी और लोग हमारी बात का बुरा मानेंगे। इसलिए हम कहना नहीं चाहते’

आज़म खां ने कहा कि ‘मैंने तो पहले ही कहा था कि सिर्फ ताजमहल ही क्यों दिल्ली के संसद, राष्ट्रपति भवन, कुतुबमीनार लाल किला और आगरा का लाल किला ये सब गुलामी की निशानियां हैं। हम बादशाह से अपील करते हैं और हमने छोटे बादशाह से तो कहा भी है कि चलो आप आगे हम आप के साथ चलेंगे। पहला फावड़ा आप का होगा दूसरा हमारा होगा।

आजम खां ने कहा कि ‘मैं समझता हूं कि ये कहने के बाद क़दम पीछे हटा लेना राजनीतिक नपुंसकता है। जो लोग इसे गुलामी की निशानी कह रहे हैं उनका पूरे देश पर राज है क़ब्ज़ा है। अगर वे हिम्मत नहीं कर रहे तो इसे राजनीतिक नापुंसकता ही कहेंगे।

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