शहीद इंस्पेक्टर की बहिन का दावा ‘दादरी काण्ड की जांच से जुड़े हैं हत्या के तार’

नई दिल्ली। बुलंदशहर के स्याना में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या के मामले में उनकी बहिन ने दावा किया है कि उनके भाई की हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा है जिसमे पुलिस भी शामिल है।

मीडिया खबरों के मुताबिक शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की बहिन ने दावा किया कि अख़लाक़ काण्ड में जांच के दौरान किसी का दबाव स्वीकार न करने के चलते मेरे भाई को निशाना बनाया गया। उन्होंने सवाल किया कि इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की गाड़ी चला रहे ड्राइवर और सहयोगी दरोगा मौके से मेरे भाई को अकेला छोड़कर क्यों भाग गए ?

वहीँ दूसरी तरफ पुलिस ने इस मामले में सोमवार देर रात छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किये गए लोगों के नाम जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो देवेंद्र, चमन और आशीष चौहान हैं।

इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का षड़यंत्र रचने वालो के तार बीजेपी और हिन्दू संगठनों से जुड़े बताये जाते हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक योगेश राज (जिला अध्यक्ष, प्रवीण तोगड़िया ग्रुप), उपेंद्र राघव (बजरंग दल), शिखर अग्रवाल (पूर्व अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा) का नाम सुबोध सिंह की हत्या के साजिश रचने में आ रहा है।

पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में भी योगेश राज का नाम है। एफआईआर के मुताबिक, योगेश राज अपने साथियों के सात मिलकर भीड़ को भड़का रहा था। योगेश राज शिकायत करने वालों में शामिल था।

फिलहाल स्याना में स्थति तनावपूर्ण है और चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गयी है। इलाके में भारी तादाद में पुलिस तैनात की गयी है। पुलिस के मुताबिक बुलंदशहर और आसपास के इलाको में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है।

गौरतलब है कि सोमवार (3 दिसंबर) को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के एक खेत में गोकशी की आशंका के बाद बवाल शुरू हुआ। जिसकी शिकायत मिलने पर सुबोध कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही थी, इतने में ही तीन गांव से करीब 400 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्राली में कथित गोवंश के अवशेष भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास पहुंच गई और जाम लगा दिया।

इसी दौरान भीड़ जब उग्र हुई तो पुलिस ने काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े और जल्द ही वहां फायरिंग भी होने लगी। जिसमें सुबोध कुमार घायल हो गए और एक युवक भी जख्मी हो गया. सुबोध कुमार को अस्पताल ले जाने से रोका गया और उनकी कार पर जमकर पथराव भी किया गया। अब पुष्टि हुई है कि सुबोध कुमार की मौत गोली लगने से हुई है।

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