विपक्ष ने सरकार को दिखाया आईना: महिला समर्थक हैं तो पास करें महिला आरक्षण बिल

नई दिल्ली। तीन तलाक बिल आज राज्य सभा में पेश होने के बाद बहस में हिस्सा लेते हुए विपक्ष ने सरकार की घेरबंदी की। विपक्ष ने तीन तलाक वाले बिल को पहले सेलेक्ट कमिटी के पास भेजने की मांग उठाई।

विपक्ष ने सरकार के महिला हितो की चिंता करने के दावे पर आईना दिखाते हुए कहा कि यदि सरकार को महिला हितो की परवाह है तो महिला आरक्षण बिल पास करे।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि हम बिल का समर्थन करते हैं, हमने सत्ताधारी दल से पार्टी और एनडीए से अपने नाम देने को कहा, हम महिला विरोधी नहीं हैं, आप महिला समर्थक हैं तो महिला आरक्षण बिल पास करो, हमने पास किया था, इन्होंने अब तक क्यों नहीं किया, यह देश की सभी महिलाओं के लिए फायदेमंद होगा।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग करते हुए विपक्षी पार्टियों के सदस्यों के नाम उपसभापति को दिए जो सेलेक्ट कमेटी में होंगे। इनमें तीन कांग्रेस के थे। उन्होंने कहा कि सरकार अपने सदस्यों के नाम सुझाए।

आनंद शर्मा का कहना था कि ये सेलेक्ट कमिटी बजट सत्र के दौरान अपने सुझाव सौंपेगी। उनका कहना था कि सरकार पहले संशोधनों को स्वीकार करें और फिर बिल को सेलेक्ट कमिटी को भेजें।

आनंद शर्मा ने कहा कि हम तीन तलाक बिल का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन हम चाहते हैं कि जब एक सदन से पास होकर बिल राज्यसभा में आया है तो ये हम सबकी जिम्मेदारी है। कोई भी विधेयक विधायी जांच के माध्यम से गुजरना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संसद रबर स्टैंप नहीं हो सकती। कोई भी कानून विधायी जांच से होकर गुजरना चाहिए ताकि किसी भी तरह की गलती को ठीक किया जा सके। शर्मा ने कहा कि अगर डेडलाइन 22 फरवरी है, तो इसे बजट सेशन के पहले सप्ताह में ले आइए. बता दें कि जनवरी के आखिरी हफ्ते में बजट सेशन शुरू होगा।

दूसरी ओर राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि केवल अकाली दल इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ है। यहां तक कि शिवसेना ने भी सदन से वॉकआउट किया है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों के अलावा 17 पार्टियां सेलेक्ट कमिटी के पक्ष में हैं. इनमें बीजेडी और टीडीपी जैसे दल भी शामिल हैं। कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने इसे साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव को देखते हुए बीजेपी तीन तलाक बिल को जिंदा रखना चाहती है।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने संशोधनों का प्रस्ताव रखा. सरकार बिना किसी संशोधन के इसे सदन से पास कराना चाह रही है, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ और उपसभापति ने कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित कर दी।

तीन तलाक बिल पर क्या कहता है विपक्ष:

तीन तलाक बिल पर कांग्रेस ने लोकसभा में सरकार का समर्थन किया था, साथ ही कहा था कि इसमें ज़रूरी संशोधनों के लिए पार्टी सरकार के समक्ष अपने सुझाव रखेगी।

कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों का तर्क है कि इस दिल में तीन तलाक की हालत में पति को 3 साल तक के लिए जेल भेजने का जो प्रावधान है वह गैर जरूरी है। इससे मामला सुलझने के बजाय और ज्यादा उलझ जाएगा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सिविल मामले को क्रिमिनल मामला बनाना ठीक नहीं है, क्योंकि ऐसे कानून का दुरुपयोग भी हो सकता है।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें