विदेश में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार: जुनेद क़ाज़ी

न्यूयॉर्क। इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस यूएसए के पूर्व अध्यक्ष जुनेद काज़ी ने भारत सरकार द्वारा इराक के मोसुल से लापता 39 भारतीयों की मौत की पुष्टि पर शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति पगट करते हुए सरकार से विदेशो में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि इराक में लापता 39 भारतीयों की मौत की खबर देने वाले हरजीत मसीह के बयान पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने हरजीत मसीह के खुलासे को गंभीरता से लिया होता तो यह मामला 4 वर्ष तक नहीं लटका रहता।

बता दें कि हरजीत मसीह वही एकमात्र शख्स है जो ISIS के चुंगल से बच निकला था। वह लंबे समय से दुहाई दे रहा था कि इराक में उसके 39 साथियों को ISIS ने मार गिराया है पर उस समय उसकी बातों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेशो में काम करने वाले भारतीयों के साथ भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो।

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे नियम बनाने चाहिए कि विदेश में कदम रखते ही वहां के भारतीय दूतावास में भारत से काम करने आये लोगों का लेखाजोखा रखा जाए तथा विदेश में काम करने वाले भारतीयों की नियमित रूप से सुरक्षा संबधी व्यौरा दर्ज हो।

जुनेद क़ाज़ी ने सरकार से मांग की कि सरकार ईराक में मारे गए लोगों के शव उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था करे तथा मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा तथा रोजगार मुहैया कराये।

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