विकास यात्रा लेकर पहुंचे बीजेपी विधायक पर उछाले गए जूते चप्पल

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में चुनावी वर्ष में बीजेपी द्वारा शुरू की गयी विकास यात्रा का कई जगह विरोध सामने आ रहा है। कई जगह तो नाराज़ ग्रामीणों ने विकास यात्रा को गाँव में ही नहीं घुसने दिया तथा कई जगह ग्रामीणों द्वारा विरोध में विकास यात्रा के दौरान जूते चप्पल उछाले जाने की भी खबरें सामने आ रही हैं।

चौतरफा विरोध के चलते कई क्षेत्रो में विकास यात्राओं को रोक दिया गया है। खांडवा से सांसद नंदकुमार चौहान जब विकास यात्रा का काफिला लेकर अपने क्षेत्र के बुरहानपुर इलाके के ग्राम पातोडा में घुसे तो उन्हें विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

सांसद के काफिले को देखकर गुस्साए ग्रामीणों ने अपना विरोध जताया। हालाँकि इस दौरान सांसद सहित कई बीजेपी नेताओं ने ग्रामीणों को मनाने की कोशिश की लेकिन अंत में बीजेपी सांसद को अपने काफिले के साथ उलटे पेर गाँव से वापस लौटना पड़ा।

वहीँ सोमवार को विकास यात्रा लेकर निकले चंदला से बीजेपी के विधायक आरडी प्रजापति को देखर गुस्साए ग्रामीणों ने हवा में जुते चप्पल उछाले और विकास यात्रा को गाँव में नहीं घुसने दिया।

जानकारी के मुताबिक बीजेपी विधायक आरडी प्रजापति बीते सोमवार को विकास यात्रा लेकर व्यास बदौरा गए थे। पंचायत भवन में जब वे बीजेपी सरकार के विकास का गुणगान कर रहे थे तभी लोगों ने खड़े होकर उनका विरोध करना शुरू कर दिया।

वहां मौजूद लोगों का कहना था कि उन्हें किसी विकास योजना का लाभ नहीं मिला। कुछ लोगों ने आवासीय योजना का मुद्दा उठाया लेकिन बीजेपी विधायक ठीक से जबाव नहीं दे सके।

इसके बाद लोगों ने जमकर बीजेपी विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर उन्हें वहां से जाने को मजबूर कर दिया। जब विधायक विकास यात्रा का काफिला लेकर वापस जाने लगे तो लोगों ने हवा में जुते चप्पल भी उछाले।

जनता में बढ़ते विरोध के चलते बीजेपी ने कई जगह विकास यात्राओं को सीमित कर दिया है तथा कई जगह विकास यात्राओं को स्थगित कर दिया गया है। फिलहाल देखना है कि जनता का यह बीजेपी विरोध चुनाव तक जारी रहता है अथवा नहीं।

क्या है नाराज़गी की वजह :

मध्य प्रदेश में किसानो की समस्याओं के अलावा बेरोज़गारी, पेयजल की कमी बड़ी समस्याएं हैं। मंदसौर में पिछले वर्ष पुलिस फायरिंग में किसानो की मौत भी एक बड़ा मुद्दा है।

लोगों का कहना है कि बीजेपी नेता जिस विकास के दावे कर रहे हैं वह धरातल पर कहीं नज़र नहीं आ रहा। लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाको में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा और सड़क तक कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।

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