विकास यात्रा लेकर गए बीजेपी सांसद और नेताओं को ग्रामीणों ने दौड़ाया

भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनावी वर्ष में विकास यात्रा निकाल रही भारतीय जनता पार्टी को कई जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष मंदसौर में पुलिस फायरिंग में किसानो की मौत के किसानो में बीजेपी को लेकर बेहद नाराज़गी का माहौल है, जो अब खुलकर दिखने लगा है।

मंदसौर में चल रहे किसान आंदोलन में राज्य के दूर दराज के इलाको से भी किसानो के शामिल होने से राज्यभर के किसानो में सन्देश पहुँच रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है मध्य प्रदेश के कुछ और इलाको में किसान आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

इस बीच विकास यात्रा निकाल रही भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। खांडवा से सांसद नंदकुमार चौहान जब विकास यात्रा का काफिला लेकर अपने क्षेत्र के बुरहानपुर इलाके के ग्राम पातोडा में घुसे तो उन्हें विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

सांसद के काफिले को देखकर गुस्साए ग्रामीणों ने अपना विरोध जताया। हालाँकि इस दौरान सांसद सहित कई बीजेपी नेताओं ने ग्रामीणों को मनाने की कोशिश की लेकिन अंत में बीजेपी सांसद को अपने काफिले के साथ उलटे पेर गाँव से वापस लौटना पड़ा।

गाँव के लोगों का आरोप था कि चुनाव करीब आते ही सत्तारूढ़ बीजेपी के लोगों ने आना शुरू कर दिया है। जबकि पिछले कई सालो से किसी नेता ने गाँव के लोगों की सुध नहीं ली।

ग्रामीणों का आरोप है कि दैनिक इस्तेमाल में आने वाली चीज़ो से लेकर डीजल तक सब महंगा हो रहा है और किसानो का हाल बेहाल हो चूका है। गाँव के लोगों ने बताया कि हमे किसी पार्टी से परहेज नहीं लेकिन हम जनता है, हमारी याद सिर्फ चुनावो के समय पर ही क्यों आती है ?

विरोध के चलते इन दो सांसदों को भी छोड़नी पड़ी विकास यात्रा :

बीजेपी द्वारा शुरू की गयी विकास यात्रा का कई जगह विरोध हो रहा है। शहडोल सांसद ज्ञानसिंह के बाद सिवनी-मंडला के सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते को भी ग्रामीणों की नाराजगी झेलना पड़ी।

ज्ञानसिंह के क्षेत्र कोतमा में युवाओं ने स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के कारण सांसद की विकास यात्रा रोकी थी। वहीं सिवनी जिले में घंसौर के ग्रामीणों ने ईश्वरपुर से छीतापार सड़क निर्माण न होने से नाराज होकर सांसद कुलस्ते की विकास यात्रा में न सिर्फ अवरोध डाला, बल्कि नारेबाजी कर गांव छोड़ने पर मजबूर कर दिया। सांसद कुलस्ते लंबे समय से इस सड़क निर्माण को लेकर नागरिकों को आश्वासन दे रहे थे।

पिछले 20 दिन से प्रदेश में सभी भाजपा सांसद और विधायक विकास यात्राएं निकाल रहे हैं। हालांकि दो बड़े संसदीय क्षेत्रों में तो सांसदों को सड़क पर जनता का विरोध झेलना पड़ा। खास बात यह है कि विरोध करने वाले लोग किसी राजनीतिक दल के नहीं थे, बल्कि स्वप्रेरणा से विरोध में खड़े हुए।

सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते मंगलवार को घंसौर के ग्राम खमरिया में पांच घंटे विलंब से पहुंचे, हुजहां पड़ोसी गांव ईश्वरपुर के लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।वे अपने गांव में सड़क नहीं बनने से नाराज थे।

जैसे-तैसे कुलस्ते पुलिस की मदद से मंच तक पहुंचे और दसवीं-बारहवीं के टॉपर्स को सम्मानित कर जल्दी से वहां से रवाना हो गए। सांसद कुलस्ते ने कहा कि अचानक कुछ गांव वाले आ गए थे। वे एक सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। उसका प्रस्ताव भेजा हुआ है। बाद में ग्रामीण भी संतुष्ट हो गए थे।

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