लो.स.चुनाव में इस्तेमाल हुईं ईवीएम पर उठे सवाल, निकाय चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत

बेंगलुरु। लोकसभा चुनाव परिणाम आने के एक सप्ताह बाद कर्नाटक में हुए स्थानीय निकायों के चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदों को नकारते हुए करीब 509 वार्डो में जीत हासिल की है। वहीँ बीजेपी को 366 वार्डो में जीत हासिल हुई।

कर्नाटक में स्थानीय निकायों के लिए हुए चुनावो में कांग्रेस और जेडीएस अलग अलग चुनाव लड़े थे। निकाय चुनावो में जहाँ कांग्रेस ने 509 वहीँ जेडीएस ने 174 वार्डो में जीत हासिल की। जबकि 172 वार्डो में अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। अन्य में बसपा को तीन, माकपा को दो और अन्य दलों को सात सीटें मिलीं हैं ।

गौरतलब है कि कर्नाटक में 56 शहरी स्थानीय निकायों में कुल 1221 वार्डो के लिए चुनाव कराये गए थे। कांग्रेस ने नगर परिषदों में 90 वार्ड जीते, जबकि भाजपा और जद-एस ने क्रमशः 56 और 38 वार्ड जीते। कांग्रेस ने 30 नगरपालिका परिषदों के 714 वार्डों में से 322 में जीत हासिल की. भाजपा ने 184 और जद-एस ने 102 सीटें जीतीं।

स्थानीय निकायों के परिणाम आने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की 28 सीटों में से 25 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जेडीएस को नकारने वाले मतदाताओं की सोच में एक सप्ताह में ऐसा कौन सा परिवर्तन आया जो उन्होंने निकाय चुनाव में बीजेपी को नकारते हुए कांग्रेस को वोट दिया।

वहीँ अब सवाल ईवीएम को लेकर भी एक बार फिर उठने लगे हैं। लोकसभा चुनाव में शहरी इलाको से बड़ी तादाद में वोट पाने वाली बीजेपी को मतदाताओं ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावो में क्यों नकार दिया ?

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने निकाय चुनाव के नतीजे शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘‘कर्नाटक में 19 और 23 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसके एक महीने के बाद 29 मई को शहरी स्थानीय निकाय का चुनाव हुआ। लोकसभा चुनाव में केंद्रीय चुनाव आयोग के तहत आने वाली ईवीएम का उपयोग किया। शहरी निकाय के चुनाव में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकार के तहत आने वाली ईवीएम का उपयोग हुआ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम खुश हैं कि लोगों ने अपनी सोच बदली और कांग्रेस को चुना।’’

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