लोकसभा में बोले राहुल गांधी “बजट में किसानो के लिए कुछ नहीं”

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज लोकसभा में किसानो का मुद्दा जोर शोर से उठाया। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा पेश किये गए 2019-2020 के बजट में किसानो की अनदेखी किये जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि बजट में सरकार ने किसानों की बजाए अमीरों को अहमियत दी गयी है। किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

राहुल गांधी ने वायनाड में किसान द्वारा आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यहां आठ हजार किसानों को बैंक का कर्ज न चुकाने पर नोटिस भेजा गया और केरल में 18 किसानों ने आत्महत्या की क्योंकि वह बैंकों का कर्ज नहीं चुका पाए।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले पांच साल में सरकार ने किसानों को कम और कारोबारियों को ज्यादा पैसा दिया। सरकार के लिए किसान अमीरों से ज्यादा जरूरी क्यों नहीं हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि आरबीआई को निर्देश दें कि किसानों को धमकाना बंद किया जाए। देश के किसानों की हालत बहुत खराब है। सरकार को इसके लिए कदम उठाने चाहिए।

राजनाथ ने किसानो की दयनीय स्थति के लिए कांग्रेस को बताया ज़िम्मेदार:

राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसानो की दयनीय स्थति के लिए पूर्व की कांग्रेस सरकारों को ज़िम्मेदार ठहराया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक देश में सरकार चलाई है वह इसके लिए जिम्मेदार हैं।

उन्होंने सदन में दावा किया कि मोदी सरकार के गठन के बाद किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। हमारी सरकार ने जितना न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है उतना किसी सरकार ने नहीं बढ़ाया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने सभा किसानों को छह हजार रुपये देने की योजना लागू की है और इससे आय में वृद्धि भी हुई है। इससे पहले की सरकारों में ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की।

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