लालू यादव ने जेल से लिखा बिहार की जनता के नाम ये भावुक पत्र

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट द्वारा ज़मानत अर्जी ख़ारिज किये जाने के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने जेल से बिहार की जनता के नाम लिखे एक भावुक पत्र को ट्विटर पर शेयर किया है।

चारा घोटाले में जेल में बंद लालू प्रसाद यादव ने ख़राब स्वास्थ्य के आधार पर कोर्ट से ज़मानत मांगी थी लेकिन उनकी ज़मानत अर्जी खारिज हो गयी। ज़मानत अर्जी खारिज होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर कहा कि “44 वर्षों में पहला चुनाव है, जिसमें आपके बीच नहीं हूं। चुनावी उत्सव में आप सबों के दर्शन नहीं होने का अफ़सोस है। आपकी कमी खली रही है इसलिए जेल से ही आप सबों के नाम पत्र लिखा है। आशा है आप इसे पढ़ियेगा एवं लोकतंत्र और संविधान को बचाइयेगा।”

क्या लिखा है पत्र में:

लालू यादव ने इसमें लिखा है, ‘इस वक्त जब बिहार एक नई गाथा लिखने जा रहा है. लोकतंत्र का उत्सव चल रहा है। यहां रांची के अस्पताल में अकेले बैठकर मैं सोच रहा हूं कि क्या विध्वंसकारी शक्तियां मुझे इस तरह कैद कराके बिहार में पिर किसी षड्यंत्र की पठकथा लिखने में सफल हो पाएंगी।’

‘मेरे रहते बिहारवासियों के सात मैं फिर से धोखा नहीं होने दूंगा। मैं कैद में हूं मेरे विचार वहीं. अपने विचारों को आपसे साझा कर रहा हूं, क्योंकि एक दूसरे से विचारों को साझा करके ही हम इन बांटने वाली ताकतो से लड़ सकते हैं।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘इस बार चुनाव में सबकुछ दांव पर है। इस बार का चुनाव पहले जैसा नहीं है। देश, समाज, लालू यानी आपका बराबरी से सिर उठाकर चलने का जज्बा देने वाला और आपके हक और इज्जत और गरिमा सब दांव पर है। लड़ाई आर-पार की है। मेरे गले में सरकार और चालबाजों का फंदा फंसा हुआ है। उम्र के साथ शरीर साथ नहीं दे रहा पर आन और आबरू की लड़ाई में लालू की ललकार हमेशा रहेगी।’

पूरा पत्र यहाँ पढ़िए:

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