लव जिहाद मामले में लड़की के बयान के बाद हाईकोर्ट ने भेजा पति के पास

जोधपुर। एक हिन्दू लड़की द्वारा धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवक से विवाह को लव जिहाद का नाम देने वाले धार्मिक संगठनों को उस समय बड़ा झटका लगा जब लड़की ने कोर्ट में स्वीकारा कि उसने अपनी मर्ज़ी से धर्म परिवर्तन किया था तथा मुस्लिम लड़के से विवाह करने के लिए उससे कोई ज़बरदस्ती नहीं की गयी थी।

इससे पहले युवती के परिजनों ने आरोप लगाया था कि युवती का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था। वहीँ इस मामले को कई हिन्दू संगठनों ने तूल देते हुए प्रेम विवाह को लव जिहाद बताया था।

पायल सिंघवी उर्फ आरिफा के बयानों से संतुष्ट होकर राजस्थान हाईकोर्ट ने उसके पति के घर भेज दिया है। कोर्ट ने पायल से पूछा था कि क्या वह अपनी इच्छा से ऐसा करना चाहती है? क्या उस पर किसी का दवाब तो नहीं है? युवती द्वारा सहमति जताई गई जिसके बाद कोर्ट ने उसे ससुराल भेज दिया।

बता दें कि पायल सिंघवी नामक एक हिन्दू लड़की ने एक मुस्लिम लड़के से प्रेम विवाह किया था। इतना ही नहीं पायल ने अपना धर्म परिवर्तन के अपना नाम आरिफा रख लिया। गौरतलब है कि पायल सिंघवी उर्फ़ आरिफा ने बी कॉम तक पढाई की है। वह फ़ैज़ी मोदी के साथ 6 वर्षो तक क्लास मेट भी रही है।

पायल के परिवार वालो ने इस प्रेम विवाह को लव जिहाद बताते हुए खिलाफ कानून का दरवाज़ा खटखटाया था। परिजनों का कहना था कि पायल एक धार्मिक लड़की थी। वह भजन कीर्तन में भाग लेती थी और प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ भी करती थी। वह हिन्दू धर्म छोड़कर मुसलमान कैसे बन सकती है।

पायल के परिजनों के साथ कुछ हिन्दू संगठनों ने इसे लव जिहाद बताते हुए लड़की को परिजनों को सौंपने की मांग उठायी थी। इसके बाद पायल को एक सप्ताह के लिए नारी निकेतन भेज दिया गया था।

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