रॉबर्ट वाड्रा से ईडी की 6 घंटे लंबी पूछताछ

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ईडी के दफ्तर से बाहर निकल चुके हैं। ईडी कार्यालय में वे करीब 6 घंटे तक रहे। माना जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे लम्बी पूछताछ हुई है।

रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी दफ्तर से निकलकर मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। वे दफ्तर से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए। वहीँ वकील ने कहा कि वाड्रा पर लगे सभी आरोप लगते हैं। उन्होंने तमाम सवालों के ईडी को जवाब दिए।

इससे पहले अदालत ने वाड्रा से आज 04 बजे ईडी के दफ्तर में पेश होने को कहा था। वाड्रा को छोड़ने उनकी पत्नी प्रियंका गांधी ईडी के दफ्तर पहुंची थीं। वाड्रा की पेशी के बाद प्रियंका गांधी ईडी के दफ्तर से लौट गईं और कांग्रेस दफ्तर गईं। वहां उन्होंने कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी का पदभार संभाला। वाड्रा मामले पर उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैं अपने परिवार के साथ खड़ी हूं।

वाड्रा को दिल्ली की पटियाला कोर्ट से 16 फरवरी तक के लिए अंतरिम जमानत मिली हुई है। पिछली सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि वाड्रा 6 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होंगे।

क्या है मामला:

ईडी ने लंदन के ब्रायंस्टन स्क्वायर में 19 लाख पाउंड की एक संपत्ति की खरीद को लेकर वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पहले इस मामले में वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा को कोर्ट ने 6 फरवरी तक अंतरिम जमानत दी थी। वाड्रा के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि उनके मुवक्किल को गलत मुकदमे में फंसाया जा रहा है। वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। उनके खिलाफ राजनीतिक चाल चली जा रही है।

ईडी के मुताबिक, आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ कालाधन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच कर रहा था। इस दौरान आयकर विभाग को किसी मामले में अरोड़ा की भूमिका पर भी संदेह हुआ। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ईडी का आरोप है कि लंदन में भंडारी ने 19 लाख पाउंड में संपत्ति खरीदी थी। उसकी मरम्मत पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद 2010 में उतनी ही रकम में वाड्रा काे बेच दी थी। इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था, बल्कि उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था।

आरोप यह भी है कि वाड्रा के स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के कर्मचारी अरोड़ा की इस सौदे में अहम भूमिका थी। उसे वाड्रा की विदेशी अघोषित संपत्ति की भी जानकारी थी और पैसों की व्यवस्था करने में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें