राहुल गांधी की गांधीनगर रैली में आयी भीड़ को भाड़े की सिद्ध करने के लिए झूठे वीडियो का सहारा

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थित लोगों द्वारा एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की 23 अक्टूबर को गांधी नगर में हुई विशाल रैली में पैसे देकर भीड़ जमा की गयी थी।

इस वीडियो को लेकर एबीपी न्यूज़ से खुलासा किया है कि यह वीडियो गांधी नगर का नहीं बल्कि मणिपुर की राजधानी इम्फाल का है। यह वीडियो 02 मार्च 2017 की तारीख में इंटरनेट पर पोस्ट हुआ था जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की गांधीनगर(गुजरात) में रैली 23 अक्टूबर को हुई थी।

दो मिनट 43 सेकेंड के इस वीडियो को यह कह कर शेयर किया जा रहा है कि यह वीडियो गुजरात के गांधी नगर का है। बता दें कि 23 अक्टूबर को गांधीनगर में नवसर्जन जनादेश महासम्मेलन में भारी भीड़ जुटी थी। इसी सम्मेलन के मंच से ओबीसी नेता कल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हुए थे।

जानकारों के अनुसार गुजरात की किसी रैली में अभी तक इतनी भीड़ नहीं देखी गयी। वहीँ 22 अक्टूबर को वड़ोदरा में हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो में पहले की तरह भीड़ नहीं उमड़ी।

सम्भवतः यह वीडियो यही बताने के लिए शेयर किया जा रहा है कि 23 अक्टूबर को राहुल गाँधी की सभा में भी भीड़ खुद से नहीं आयी थी बल्कि पैसे देकर लायी गयी थी। लेकिन इस झूठ को फैलाने के लिए एक पुराने वीडियो का सहारा लिया गया है जो गुजरात के गांधीनगर का नहीं बल्कि मणिपुर का है।

 

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