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राहुल गांधी का नाम गैर हिन्दू रजिस्टर में लिखने के पीछे पार्टी का ही एक कद्दावर नेता!

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सोमनाथ मंदिर में गैर हिन्दू रजिस्टर में एंट्री करने के पीछे पार्टी का ही एक कद्दावर नेता है। जो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के सम्पर्क में बना हुआ है और बीजेपी के लिए मुद्दा पैदा करने के काम में लगा है।

पार्टी सूत्रों की माने तो उक्त कद्दावर नेता की पहचान कर ली गयी है और अब पूरे चुनाव तक उसे अलग थलग रखा जाएगा। इतना ही नहीं गुजरात चुनाव के बाद उक्त नेता के खिलाफ पार्टी कार्रवाही भी कर सकती है।

सूत्रों ने कहा कि जिस गलती के लिए मीडिया कोर्डिनेटर मनोज त्यागी को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा था, असल वह गलती उनके अकेले की नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक उक्त कद्दावर नेता ने ही अपना और राहुल गांधी का नाम गैर हिन्दू रजिस्टर में लिखने को कहा था। जिस पर मनोज त्यागी फ़ौरन निर्णय नहीं ले सके कि क्या उक्त कद्दावर नेता जो कह रहा है वह सही है अथवा नहीं ?

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस का उक्त कद्दावर नेता राज्य सभा चुनावो से पहले बीजेपी में शामिल होना चाहता था लेकिन फिर बाद में उसका इरादा बदल गया क्यों कि कांग्रेस से दल बदल में कई विधायक बीजेपी में जा चुके थे और बीजेपी राज्य सभा टिकिट के लिए हामी भर चुकी थी।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ रचे गए इस षडयंन्त्र को पार्टी नेतृत्व ने बेहद गंभीरता से लिया है। सूत्रों ने कहा कि उक्त कद्दावर नेता को फ़िलहाल गुजरात चुनावो से दूर रखा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि ऐसी भी सम्भावना है कि एन चुनाव से दो-चार दिन पहले उक्त नेता बीजेपी में शामिल हो जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तब भी चुनाव के बाद पार्टी उस पर कार्रवाही अवश्य करेगी।

क्या था पूरा मामला:

बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने एक स्क्रीनशॉट शेयर कर ये दावा किया था कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने से पहले गैर हिन्दुओं वाले रजिस्टर में हस्ताक्षर किये थे।

बीजेपी के दावे के बाद सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और अहमद पटेल के हस्ताक्षरों वाली एक तस्वीर को बीजेपी की सोशल मीडिया टीम वायरल होने लगी । सवाल यही किया जा रहा है कि राहुल गांधी खुद को हिन्दू नहीं मानते तो वे कौन सा धर्म मानते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही था कि राहुल पहली बात सोमनाथ नहीं गए हैं। इतनी बड़ी चूक उनसे कैसे हो सकती है ? जानकारी के अनुसार मंदिर में दो रजिस्टर रखे होते हैं। इनमे से एक रजिस्टर हिन्दू दर्शनार्थियों के लिए और दूसरा रजिस्टर गैर हिन्दू दर्शनार्थियों के लिए रखा होता है।

जब भी मंदिर में कोई दर्शन करने पहुँचता है तो उसे एक रजिस्टर में साइन करने होते हैं। यदि दर्शनार्थी हिन्दू है तो उसे हिन्दू रजिस्टर में यदि गैर हिन्दू है तो उसे गैर हिन्दू वाले रजिस्टर में साइन कराये जाते हैं। रजिस्टर के बारे में जानकारी देने काम मंदिर का स्टाफ करता है।

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