राम मंदिर में पूजा वाली स्वामी की याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने कहा ‘बाद में आना’

नई दिल्ली। अयोध्या में रामजन्म भूमि पर पूजा की अनुमति दिए जाने की मांग वाली बीजेपी सांसद सुब्रमणियम स्वामी की याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया है।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने विवाद के संबंध में स्वामी की याचिका को तुरंत सूचीबद्ध किए जाने और उसपर सुनवाई के अनुरोध पर विचार करने के बाद कहा कि आप बाद में इसका उल्लेख करें।

स्वामी ने कहा कि ‘बाद में’ शब्द बहुत ही विस्तृत अर्थ वाला है और वह 15 दिन बाद फिर से इस याचिका को रखेंगे। उच्चतम न्यायालय स्वामी की ऐसी ही अपील पहले भी अस्वीकृत कर चुका है।

बीजेपी नेता स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अयोध्या राम जन्मभूमि में पूजा के अधिकार की मांग की। दरअसल, अयोध्या मुख्य मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनकी याचिका को मुख्य मामले से अलग कर दिया था।

स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि संपत्ति के अधिकार को लेकर मुकदमा नहीं है, लेकिन पूजा करने का अधिकार मुझे है, प्रत्येक हिंदू को है। उन्होंने राम जन्मभूमि में पूजा किये जाने की अनुमति मांगी थी। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा कि सुप्रीमकोर्ट को अयोध्या में रामजन्मभूमि पर अनुयायियों को पूजा की अनुमति करने का आदेश देना चाहिए।

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