राम नाम पर राजनीति: अयोध्या में नहीं बंगाल में योगी करेंगे राम मंदिर का शिलान्यास

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को लेकर केंद्र की सत्ता तक पहुंची भारतीय जनता पार्टी मंदिर मुद्दे पर कई बार यूटर्न ले चुकी है। अब पश्चिम बंगाल में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रही बीजेपी राम नाम के सहारे बंगाल में अपनी नैया पार लगाने की जुगाड़ में हैं।

यही कारण हैं कि अयोध्या में नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल में राम मंदिर निर्माण की तैयारियां की जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय राम मंदिर ट्रस्ट ने हावड़ा में राम मंदिर बनाने का एलान किया है। 15 सितंबर को हावड़ा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे।

वहीँ बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व का जबाव सॉफ्ट हिंदुत्व से दे रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल कोलकाता के कोलकाता के हेयर स्कूल में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा का अनावरण किया था।

19वीं सदी के समाज सुधारक विद्यासागर की प्रतिमा को लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा और आगजनी के दौरान तोड़ दिया गया था।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हर कीमत पर घुसने की कोशिश कर रही भारतीय जनता पार्टी और राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान कई मौको पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा की कई घटनाएं भी हुई थी।

राज्य में विधानसभा चुनावो के लिए दोनों पार्टियां अपने अपने एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही हैं। जहाँ बीजेपी अपने हार्डकोर हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही है वहीँ ममता बनर्जी का कहना है कि वह बंगाल को दूसरा गुजरात नहीं बनने देंगी।

वहीँ दूसरी तरफ केंद्र में सत्ता में बीजेपी के दोबारा आने के बाद विश्व हिन्दू संगठन जैसे धार्मिक संगठनों ने सरकार पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कोदंड भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण किया। इससे पहले योगी सरकार ने अयोध्या में भगवान राम की 221 मीटर ऊंची कांस्य की प्रतिमा लगाने का ऐलान कर चुकी है।

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