राममंदिर पर फिर यूटर्न, योगी बोले “अब बातचीत का कोई मतलब नहीं”

लखनऊ। अयोध्या में राम जन्म भूमि विवाद को आपसी बातचीत कर सहमति से रास्ता निकालने के लिए किये जा रहे प्रयासों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खारिज कर दिया है।

आदित्यनाथ ने कहा कि अब बातचीत का कोई मतलब नहीं है। राम जन्मभूमि विवाद को हल करने के लिए श्री श्री रविशंकर द्वारा मध्यस्थता के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट इस मामले की 5 दिसंबर से नियमित सुनवाई करने जा रहा है। ऐसे में कोर्ट के बाहर फैसला करने की कोशिश न्यायालय के काम वाधा डालने जैसा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री श्री रवि शंकर या समझौता का प्रयास कर रहे अन्य लोग इस मामले में अदालत में पक्षकार नहीं हैं, इसलिए उनसे बात नहीं बन सकती।

एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बात करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी पक्षों को धैर्य के साथ अदालत का फैसला मंजूर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला 2010 में आया था। इन सात वर्षों में किसी भी पक्ष ने बातचीत नहीं की। इसलिए केस के मौजूदा स्टेज पर बातचीत या मध्यस्थता की कोई तुक समझ नहीं आती।

आदित्यनाथ ने कहा कि अदालत में सरकार भी पार्टी नहीं है, इसलिए जो तय करना है, वो तीनों पक्षकार ही तय कर सकते हैं। मामला जब संवाद से हल न हो तो न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

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