रामगढ़ लिंचिंग के दोषी सिकंदर राम की करंट लगने से मौत

रांची। झारखंड के रामगढ़ में मॉब लिचिंग में दोषी करार दिए गए ग्यारह लोगों में शामिल सिकंदर राम की करेंट लगने से मौत हो गयी। सिकंदर राम उन आठ लोगों में शामिल था, जिन्हे 29 जून को झारखंड हाईकोर्ट से ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था।

रामगढ के बाजार टांड़ इलाके में यह घटना उस वक्त हुई जब सिकंदर बाजार की तरफ जा रहा था। रामगढ़ सदर पुलिस थाने के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि खंभे से टूटकर गिरे बिजली के एक तार की चपेट में आने से मौके पर ही सिकंदर की मौत हो गई।

गौरतलब है कि बीते वर्ष 29 जून 2017 को लोगों के एक समूह ने रामगढ़ के बाजार टांड़ इलाके में 40 साल के अलीमुद्दीन अंसारी की पीट – पीटकर हत्या कर दी थी।

कुछ लोगों ने ऐसी अफवाह फैली थी कि अलीमुद्दीन अपनी कार में ‘गोमांस’ लेकर जा रहा है। बाद में फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि अलीमुद्दीन जो मांस लेकर जा रहा था वह ‘बीफ’ था।

अलीमुद्दीन की हत्या के एक दिन बाद उसकी पत्नी मरियम खातून ने सिकंदर सहित 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इनमे से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमे एक नाबालिंग भी था। जिसे रिमांड होम भेज दिया गया था।

इस मामले में ग्यारह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी लेकिन इस वर्ष 29 जून को झारखंड हाईकोर्ट से 8 लोगों को ज़मानत दे दी गयी थी। इनमे सिकंदर राम भी शामिल था।

ज़मानत पर छूटने के बाद सिकंदर राम सहित 8 लोगों का केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने माला पहना कर स्वागत किया था। इसके चलते जयंत सिन्हा विवादों में आगये और देनी पड़ी।

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