राफेल पर सरकार की घेराबंदी: एचएएल के बेरोज़गार हुए दस हज़ार कर्मचारियों से मिलेंगे राहुल

नई दिल्ली। राफेल विमान डील मामले में कांग्रेस की तरफ से सरकार की घेराबंदी जारी है। अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हिंदुस्तान एरोनेटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के उन दस हज़ार कर्मचारियों से मिलेंगे जो राफेल डील एचएएल की जगह रिलायंस डिफेन्स को दिए जाने से बेरोज़गार हुए हैं।

बुधवार को इस बात की जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी ने कहा कि इस घोटाले में एचएएल सबसे बड़ी पीड़ित है, वहां पर करीब 30 हजार लोग नौकरी करते हैं और इस डील के रद्द होने के बाद करीब 10 हजार लोगों को निकाला जा रहा है।

13 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष कर्नाटक के बेंगलुरु में कैंडल मार्च निकालेंगे. राहुल गांधी कर्नाटक कांग्रेस के दफ्तर से HAL के ऑफिस तक मार्च निकालेंगे और मोदी सरकार पर निशाना साधेंगे।

कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी बोले कि सुप्रीम कोर्ट ने अब केंद्र सरकार से राफेल डील की जानकारी मांगी है, SC ने सभी फैक्ट्स की बात की है। गौरतलब है कि बुधवार को ही सर्वोच्च अदालत सुप्रीमकोर्ट में राफेल डील के मुद्दे पर सुनवाई हुई।

इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि आखिर राफेल डील कैसे हुई और इसका पूरा घटनाक्रम क्या था. मामले पर अगली सुनवाई अब 31 अक्टूबर को होगी।

गौरतलब है कि राफेल लड़ाकू विमान की डील को लेकर कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने यूपीए शासनकाल में हुई डील को बदलकर राफेल विमानों को महँगी कीमत पर खरीदने का करार किया है।

इतना ही नहीं कांग्रेस का आरोप है कि यूपीए सरकार द्वारा राफेल की खरीद को लेकर किये गए करार में एचएएल को ठेका दिया जाना था लेकिन मोदी सरकार ने एचएएल से छीनकर रिलायन्स डिफेन्स को देने का निर्णय लिया है।

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