राफेल पर घमासान: कांग्रेस ने कहा “पिक्चर अभी बाकी है”

नई दिल्ली। राफेल डील में अनियमितताओं को लेकर सुप्रीमकोर्ट द्वारा आज सरकार को क्लीनचिट दिए जाने के बाद जहाँ बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश की वहीँ कांग्रेस का कहना है कि राफेल डील में अनियमितताएं बरते जाने का उसका आरोप एकदम सही है और इसकी संयुक्त संसदीय समिति से जांच होना आवश्यक है।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर कहा है, सच हमेशा जीतता है। राफेल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राजनीतिक फायदे के लिए फैलाए जा रहे कांग्रेस अध्यक्ष के झूठ को उजागर कर दिया है। कोर्ट को इस डील में ना ही कोई खराबी दिखी है ना ही इस डील में किसी तरह का पक्षपात दिखा है।

इसके विपरीत एससी ने कहा कि ऑफसेट भागीदारों का चयन करने में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। इसलिए इस सौदे को बदनाम करने वाले लोगों के मकसद पर स्पष्ट प्रश्न उठाता है, यह भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट का फैसला पूरा नहीं है। इसमें कई अहम विन्दुओं को छोड़ दिया गया है। हम राफेल डील की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की अपनी मांग को जारी रखेंगे।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट का फैसला कांग्रेस के आरोपों पर मुहर है। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट रक्षा जैसे सेंसिटिव मामलो पर तय करने के लिए सही स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने शब्दों पर दृणता के साथ खड़ी हुई है और हम इस मामले को आगे भी उठाएंगे और संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांगको जारी रखेंगे।

फैसला पूरी तरह से गलत : प्रशांत भूषण

राफेल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को वकील प्रशांत भूषण ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रशांत भूषण ने कहा कि सुबूत के आधार पर राफेल डील को लेकर किसी तरह की जांच की कोई जरूरत नहीं है।

भूषण ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने सौदे से जुड़ी प्रक्रिया और कीमतों पर संतुष्टि जताई है, लेकिन मेरे मत के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरी तरह से गलत है। कोर्ट ने हमारे तर्कों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि फैसले के खिलाफ हम पुर्नविचार याचिका दाखिल करने पर विचार करेंगे, लेकिन अभियान जारी रहेगा।

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